Edited By Isha, Updated: 07 Aug, 2026 07:22 PM

हरियाणा: राज्य में 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की शुरुआती शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोचक बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब छोटे बच्चों की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी।
डेस्क: हरियाणा: राज्य में 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की शुरुआती शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोचक बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब छोटे बच्चों की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्हें खेल-खेल में सीखने, नए शिक्षण संसाधनों और गतिविधि-आधारित माहौल से जोड़ने के लिए प्रदेश के हर जिले में एक-एक मॉडल बालवाटिका विकसित की जाएगी।हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत जिला स्तरीय समितियों का गठन कर उपयुक्त स्कूलों का चयन किया जाएगा।
यह पहल केंद्र की समग्र शिक्षा योजना के तहत लागू की जाएगी। इस योजना के संचालन के लिए हर जिले में मॉडल बालवाटिका स्थापित करने हेतु 5 लाख तक का बजट स्वीकृत किया गया है, जबकि अन्य आवश्यक धनराशि जिलों को अलग से उपलब्ध कराई जाएगी।
मॉडल बालवाटिकाओं का उद्देश्य बच्चों को विद्यालयी शिक्षा की मजबूत शुरुआत देना है। यहां खेल आधारित, गतिविधि आधारित और अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि बच्चे पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि आनंद के रूप में महसूस करें। निर्देशों के अनुसार जिला स्तरीय समिति ऐसे विद्यालयों का चयन करेगी, जहां मॉडल बालवाटिका विकसित करने की पर्याप्त संभावनाएं हों।