Edited By Isha, Updated: 05 Aug, 2026 01:28 PM

दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई शादी गोत्र विवाद में उलझ गई। करीब एक माह पहले पानीपत की युवती विवाह के बाद कैथल के राजौंद क्षेत्र स्थित अपने ससुराल पहुंची, लेकिन उसका गृह प्रवेश नहीं हो सका
कैथल: दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई शादी गोत्र विवाद में उलझ गई। करीब एक माह पहले पानीपत की युवती विवाह के बाद कैथल के राजौंद क्षेत्र स्थित अपने ससुराल पहुंची, लेकिन उसका गृह प्रवेश नहीं हो सका। आरोप है कि आधी रात गांव से करीब 100 मीटर पहले 100 से 150 ग्रामीणों की भीड़ ने दूल्हा-दुल्हन की गाड़ी रोक ली और गांव में प्रवेश करने से मना कर दिया। विरोध करने वालों का कहना था कि दुल्हन गांव के ही गोत्र की है, इसलिए उसे गांव की बहू के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दुल्हन का आरोप है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों के हाथों में लाठियां, गंडासी और अन्य हथियार थे। एक व्यक्ति ने गाड़ी पर पिस्तौल तानते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी ने गांव में प्रवेश करने की कोशिश की तो गाड़ी समेत जिंदा जला दिया जाएगा। हालात बिगड़ते देख चालक तुरंत गाड़ी वापस लेकर चला गया।
'गोत्र की लड़की को बहू नहीं मानेंगे'
पीड़िता के अनुसार, विरोध कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि "तुम हमारे गोत्र की लड़की को ब्याह कर ले आए हो, अब इसे बहन कहें या भाभी?" इस धमकी के बाद दंपती गांव में प्रवेश नहीं कर सका और तब से रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर है।
ससुर ने पुलिस और मंत्री को दी थी शिकायत:
दूल्हे के पिता ने बेटे और बहू की सुरक्षा को लेकर पुलिस के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री अनिल विज को भी लिखित शिकायत दी थी। हालांकि, परिवार का आरोप है कि लगातार सामाजिक दबाव के कारण वे अब तक बहू को घर नहीं ला सके हैं। अब पीड़िता ने महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के समक्ष शिकायत देकर सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
शादी से पहले भी था विरोध
पीड़िता का कहना है कि विवाह से पहले भी कुछ लोग इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे और शादी रुकवाने की कोशिश की गई थी। शादी के बाद पैदा हुए हालात से दोनों परिवार मानसिक तनाव में हैं।
एसएचओ बोले- पंचायत के समझौते के चलते कार्रवाई नहीं हुई
राजौंद थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर हरपाल ने बताया कि मामले में पहले शिकायत मिली थी। गांव में पंचायत हुई, जिसमें लड़का-लड़की के गांव से बाहर रहने का निर्णय लिया गया। पंचायत के समझौते की प्रति भी थाने में जमा कराई गई थी। इसी कारण उस समय पुलिस की ओर से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।