Edited By Isha, Updated: 21 May, 2026 04:12 PM

देश में बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के ग्राफ पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की होश उड़ाने वाली ताजा रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान
डेस्क: देश में बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के ग्राफ पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की होश उड़ाने वाली ताजा रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के हनन के मामलों को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने केंद्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
मानवाधिकार आयोग ने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट के अनुसार देश भर में मासूम बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों (जैसे यौन उत्पीड़न, अपहरण, मानव तस्करी और घरेलू हिंसा) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। रिपोर्ट के आंकड़े यह साफ दर्शाते हैं कि कड़े कानूनों (जैसे पॉक्सो एक्ट) के बावजूद जमीनी स्तर पर बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने में कमियां रह गई हैं।
अदालत जैसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मानवाधिकार आयोग ने प्रशासन को सख्त हिदायत दी है। आयोग ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को नोटिस भेजकर पूछा है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। सभी राज्यों से एक व्यापक एक्शन प्लान (Action Plan) मांगा गया है, जिसमें यह बताना होगा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बच्चों के खिलाफ अपराध रोकने और पीड़ितों को तुरंत न्याय व पुनर्वास दिलाने के लिए क्या नीतियां अपना रहे हैं। आयोग ने पुलिस थानों में 'चाइल्ड फ्रेंडली' माहौल बनाने और स्कूलों व संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।