Edited By Isha, Updated: 21 May, 2026 12:39 PM

झुलसाती गर्मी में अब नजरें मानसून की फुहारों पर है। हरियाणा थोड़ा सुकून महसूस कर सकता है क्योंकि इस बार मानसून लगभग पांच दिन पहले पहुंच सकता है। 22 जून के बाद कभी भी। वैसे आम तौर पर 25 जून
चंडीगढ़: झुलसाती गर्मी में अब नजरें मानसून की फुहारों पर है। हरियाणा थोड़ा सुकून महसूस कर सकता है क्योंकि इस बार मानसून लगभग पांच दिन पहले पहुंच सकता है। 22 जून के बाद कभी भी। वैसे आम तौर पर 25 जून से 2 जुलाई के बीच पहुंचता रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल मानसून 26 मई तक केरल पहुंच जाएगा जबकि आम तौर पर 1 जून के आसपास पहुंचता है।
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक इस बार मानसून की गतिविधियां थोड़ी उतार-चढ़ाव वाली हो सकती हैं। दरअसल इस बार अलनीनो के असर से मानसून की यात्रा में ज्यादा लंबे विराम लगेंगे यानी पूरे हरियाणा को कवर करने में मानसून इस बार ज्यादा समय ले सकता है। अलनीनो की वजह से मानसून की गति धीमी होने और कमजोर पड़ने की संभावना है।
सामान्य परिस्थितियों में मानसून पूरे हरियाणा को आठ से दस दिन में कवर कर लेता है लेकिन इस बार यह प्रक्रिया लंबी हो सकती है। इसका असर आम जनता पर पड़ सकता है। खासकर खरीफ फसलों की बुवाई पर असर पड़ने के आसार हैं। हरियाणा में मानसून सबसे पहले 2008 में 13 जून को व सबसे देर से 1987 में 27 जुलाई को पहुंचा था।