Edited By Isha, Updated: 20 May, 2026 05:43 PM

हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से लगे अनुबंध कर्मियों से संबंधित मामलों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान तथा अनावश्यक न्यायिक विवादों को कम करने के उद्देश्य से एक
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से लगे अनुबंध कर्मियों से संबंधित मामलों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान तथा अनावश्यक न्यायिक विवादों को कम करने के उद्देश्य से एक समन्वय शिकायत निवारण समिति का गठन किया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है। यह समिति रोजगार सुरक्षा कानून, अनुबंध नियुक्तियों, पात्रता विवादों, सेवा सत्यापन तथा एचकेआरएन से संबंधित अन्य मामलों की समीक्षा करेगी और विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रशासनिक स्तर पर समाधान सुनिश्चित करेगी।
एचकेआरएन के महाप्रबंधक समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा मानव संसाधन विभाग में एचकेआरएन/जाॅब सुरक्षा मामलों को डील करने वाले अधीक्षक, वित्त विभाग में सम्बन्धित अधीक्षक, क्रिड विभाग में आईटी हैड तथा हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक या उनके प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति का सहयोग करने के लिए एचकेआरएन द्वारा सहायक जिला अटॉर्नी, दो कानूनी सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध कराए जाएंगे। एचकेआरएन इस समिति के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार समिति शुरुआती चरण में सप्ताह में कम से कम दो बार बैठक करेगी। आवश्यकता पड़ने पर बैठकों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। बैठकें भौतिक अथवा वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जा सकेंगी। सामान्यतः शिकायतों का समाधान मामला संज्ञान में आने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि अधिकतम 10 दिन तक बढ़ाई जा सकेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी शिकायतें सबसे पहले एचकेआरएन के ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल पर दर्ज की जाएंगी। पोर्टल स्तर पर अनसुलझे मामलों को आगे विचार एवं समाधान के लिए समन्वय शिकायत निवारण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि एचकेआरएन, बोर्डों, निगमों तथा सरकारी विभागों के माध्यम से कार्यरत सभी अनुबंध कर्मचारी अनिवार्य रूप से पहले पोर्टल पर उपलब्ध शिकायत निवारण तंत्र का उपयोग करेंगे। प्रशासनिक स्तर पर सभी उपाय अपनाने के बाद ही न्यायिक हस्तक्षेप की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस नई व्यवस्था से अनुबंध कर्मचारियों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होगा, विभागों के बीच बेहतर तालमेल होगा और अनावश्यक मुकदमेबाजी में कमी आएगी।