Edited By Isha, Updated: 22 May, 2026 09:04 PM

रेवाड़ी-बेरली सड़क मार्ग पर स्थित गांव चाँदावास के पास आज सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गया, जब मरीजों की जान बचाने वाली एक सरकारी एम्बुलेंस खुद हादसे का सबब बन गई। तेज रफ्तार से आ रही
रेवाड़ी(महेन्द्र भारती): रेवाड़ी-बेरली सड़क मार्ग पर स्थित गांव चाँदावास के पास आज सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गया, जब मरीजों की जान बचाने वाली एक सरकारी एम्बुलेंस खुद हादसे का सबब बन गई। तेज रफ्तार से आ रही एम्बुलेंस स्पीड ब्रेकर पर अचानक अनियंत्रित हो गई और उसने आगे चल रही एक के बाद एक तीन कारों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में तीनों गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और कारों में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कारों को रौंदने के बाद भी एम्बुलेंस तुरंत नहीं रुकी। वह घटना स्थल से करीब 150 मीटर दूर जाकर सीधे डिवाइडर पर चढ़ गई और वहां जाकर रुकी। गनीमत यह रही कि एम्बुलेंस डिवाइडर पर चढ़कर रुक गई, वरना कोई बड़ा और भयानक हादसा हो सकता था। हादसे के वक्त एम्बुलेंस के भीतर भी एक गर्भवती महिला समेत करीब 5 से 6 लोग सवार थे, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और घायल कार सवारों ने बताया कि एम्बुलेंस की गति बेहद तीव्र थी। जैसे ही सड़क पर स्पीड ब्रेकर आया, चालक गाड़ी पर से नियंत्रण खो बैठा। सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने भी शुरुआती जांच के बाद पुष्टि की है कि हादसा एम्बुलेंस की तेज रफ्तार के कारण ही हुआ है। पुलिस ने सभी गंभीर घायलों को तुरंत रेवाड़ी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
इसी दौरान, रेवाड़ी नागरिक अस्पताल में औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने पहुंचे स्वास्थ्य विभाग (चंडीगढ़) के डायरेक्टर डॉ. रविंदर कुमार ने इस हादसे पर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह गहन जांच का विषय है कि हादसे के पीछे की असली वजह क्या थी और लापरवाही किसकी तरफ से हुई है। जांच के बाद दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।