Edited By Isha, Updated: 15 May, 2026 02:22 PM

हड़ताल खत्म होने के बाद प्रदेशभर में सड़कों पर पड़े करीब 13 हजार टन कचरे की सफाई को लेकर नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने
डेस्क: हड़ताल खत्म होने के बाद प्रदेशभर में सड़कों पर पड़े करीब 13 हजार टन कचरे की सफाई को लेकर नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने भी निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द सबसे पहले बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों, चौराहों व भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों से कचरे को हटाया जाए।
क्षेत्र को जोन में बांटकर जोनवार कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी हैं और 24 घंटे सफाई का काम होगा। निजी एजेंसियों के सफाई कर्मचारी भी शिफ्टवाइज रात-दिन काम करेंगे। घर-घर से कचरा उठान का कार्य सुबह से शुरू होगा और देर रात तक वाहनों से कचरा उठाया जाएगा। सफाई को लेकर हालात तीन-चार दिन में सुधरेंगे। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से करीब एक सप्ताह में पटरी पर लौटेगी। कचरा उठान के बाद चूना भी डाला जाएगा।
एक सप्ताह में सुधरेगी सूरत
हड़ताल के कारण बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर निदेशालय ने समय सीमा तय की है। माना जा रहा है कि अगले 3 से 4 दिनों में सड़कों से मुख्य कचरा साफ हो जाएगा, जबकि पूरे प्रदेश की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा। स्थानीय निवासियों से भी अपील की गई है कि वे कचरा उठाने वाले वाहनों के आने पर ही अपना कूड़ा बाहर निकालें।