Edited By Krishan Rana, Updated: 16 May, 2026 06:58 PM

: पानीपत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां शनिवार को यमुना नदी में स्नान करते वक्त पिता-पुत्री की
पानीपत (सचिन शर्मा) : पानीपत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यहां शनिवार को यमुना नदी में स्नान करते वक्त पिता-पुत्री की डूबने से मौत हो गई। आनन-फानन में दोनों को वहां से सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरु कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मृतक मनोज (45) मूल रूप से पटना, बिहार के रहने वाले थे। वह पिछले कई सालों से अपने परिवार के साथ पानीपत में रह रहे थे। मनोज और उनके परिवार के अन्य वयस्क सदस्य पानीपत की ही एक निजी कंपनी में काम कर अपना गुजारा करते थे। शनिवार को छुट्टी होने के चलते परिवार के सभी सदस्य एक साथ समय बिताने और स्नान करने के लिए यमुना नदी के तट पर पहुंचे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह पिकनिक कुछ ही समय में मातम में बदल जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों और पारिवारिक के लोगों के अनुसार, यमुना नदी में नहाते समय अचानक पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण मनोज की छोटी बेटी कैरा (6 वर्ष) डूबने लगी। बेटी को पानी में डूबता और मदद के लिए चिल्लाता देख पिता मनोज ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी।
मनोज ने बेहद सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए किसी तरह अपनी छोटी मासूम बेटी कैरा को पानी से बाहर निकाला और सुरक्षित किनारे पर पहुंचा दिया। लेकिन, अपनी लाडली की जान बचाते-बचाते मनोज खुद बुरी तरह थक चुके थे और किनारे के पास आते ही अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया। वह खुद को संभाल नहीं पाए और तेज बहाव के कारण गहरे पानी की तरफ खींचते चले गए।
अपने पिता को पानी में संघर्ष करते और डूबते देख किनारे पर खड़ी उनकी बड़ी बेटी चांदनी (13 वर्ष) से रहा नहीं गया। वह अपने पिता को बचाने के लिए तुरंत नदी में आगे बढ़ी। चांदनी तैरकर अपने पिता तक पहुंच भी गई और उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज और गहराई बहुत ज्यादा थी। वहां उन दोनों का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। पिता को बचाने की कोशिश में 13 साल की मासूम चांदनी भी पानी के भंवर में फंस गई और देखते ही देखते दोनों पिता-पुत्री आंखों के सामने गहरे पानी में विलीन हो गए।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों और राहगीरों में चीख-पुकार मच गई। तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गोताखोरों की विशेष टीमों को मौके पर बुलाया गया। गोताखोरों ने तुरंत यमुना नदी के गहरे पानी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब दो घंटे की बेहद कड़ी मशक्कत और तलाश के बाद गोताखोरों की टीम दोनों पिता-पुत्री को पानी के भीतर से बाहर निकालने में कामयाब रही।
नदी से बाहर निकालने के तुरंत बाद पुलिस और परिजनों की मदद से दोनों को अचेत अवस्था में पानीपत के सिविल अस्पताल (सामान्य अस्पताल) ले जाया गया। वहां एमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों की टीम ने दोनों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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