पहले देश सेवा की, फिर खेती में आजमाया लक...ऐसा कमाल हुआ की 5 स्टार होटलों में होने लगी मांग...

Edited By Krishan Rana, Updated: 16 May, 2026 03:24 PM

first he served the country then tried his luck in farming  such a miracle hap

गांव भुरियावास निवासी पूर्व सैनिक जिले सिंह आज खेती के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं। इंडियन आर्मी में सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए जिले सिंह

रेवाड़ी (महेंद्र भारती) : गांव भुरियावास निवासी पूर्व सैनिक जिले सिंह आज खेती के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं। इंडियन आर्मी में जेसीओ के आरटी में सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए जिले सिंह अब अपने खेतों में ताइवानी खरबूज और तरबूज उगाकर किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी मेहनत और आधुनिक बागवानी तकनीक की बदौलत उनके खेतों में उगने वाले फलों की मिठास दूर-दूर तक पहचान बना चुकी है। जिले सिंह वर्ष 1987 में भारतीय सेना में लंबे समय तक देश सेवा करने के बाद एडिशनल जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए। 

सेना से लौटने के बाद उन्होंने अपने पिता की पारंपरिक खेती को अपनाते हुए गेहूं और सरसों की खेती शुरू की, लेकिन वर्ष 2016 में उन्होंने खेती में बदलाव लाते हुए बागवानी की ओर कदम बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने अपने खेतों में ताइवानी किस्म के खरबूज और तरबूज उगाने शुरू किए।

उन्होंने तरबूज की आरोही और अनमोल किस्म लगाई, जबकि खरबूज में मुस्कान, रमैया और सेमिना जैसी विशेष किस्में तैयार कीं। जिले सिंह बताते हैं कि मुस्कान खरबूजा चीनी से भी ज्यादा मीठा होता है, जिसे लोग बेहद पसंद करते हैं। वहीं आरोही किस्म के खरबूजे में पाइनएप्पल जैसा स्वाद आता है और हर बार खाने पर अलग स्वाद का अनुभव होता है।

PunjabKesari

अनमोल तरबूज में अधिक पानी और गजब की मिठास होने के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। हालांकि इस बार पश्चिमी विक्षोभ के चलते हुई बरसात ने उनकी फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। जिले सिंह ने बताया कि मौसम की मार से उत्पादन प्रभावित हुआ है, लेकिन इसके बावजूद उनके खेतों में तैयार होने वाले खरबूज और तरबूज की गुणवत्ता और स्वाद में कोई कमी नहीं आई। उन्होंने बताया कि उनके खेतों में उगाए गए खरबूज और तरबूज की मांग दिल्ली और जयपुर के 5 स्टार होटलों तक रहती है।

इतना ही नहीं, महेंद्रगढ़, नारनौल, झज्जर और आसपास के क्षेत्रों से लोग सीधे उनके खेतों में पहुंचकर फल खरीदकर ले जाते हैं। पूर्व सैनिक जिले सिंह का कहना है कि यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक और उन्नत किस्मों को अपनाएं तो खेती को लाभ का बड़ा जरिया बनाया जा सकता है। आज उनकी सफलता क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।  

 

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)           

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!