Edited By Isha, Updated: 22 May, 2026 01:55 PM

साइबर ठग अधिकारियों के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं। ऐसे ही ईडी अधिकारी बनकर गोहाना क्षेत्र के बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 7,55,206 रुपये ठग लिए। आरोपियों ने बुजुर्ग को आतंकियों को फंडिंग के मामले में पकड़ने की धमकी दी थी।
सोनीपत: साइबर ठग अधिकारियों के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं। ऐसे ही ईडी अधिकारी बनकर गोहाना क्षेत्र के बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 7,55,206 रुपये ठग लिए। आरोपियों ने बुजुर्ग को आतंकियों को फंडिंग के मामले में पकड़ने की धमकी दी थी।
पीड़ित रामरूप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 अप्रैल को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का एएसआई 'संदीप राव' बताया। ठग ने बेहद कड़े लहजे में बुजुर्ग से कहा कि जांच में उनका नाम टेरर फंडिंग और देश विरोधी गतिविधियों से जुड़ा पाया गया है।
आरोपियों ने बुजुर्ग के मन में कानून और पुलिस का ऐसा खौफ पैदा किया कि वे पूरी तरह डर गए। ठगों ने कहा, "आपके खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। आपको तुरंत 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' किया जाता है। जब तक जांच चलेगी, आप फोन का कैमरा बंद नहीं करेंगे और न ही इस बारे में अपने परिवार या किसी बाहरी व्यक्ति को बताएंगे।"
बेगुनाही के नाम पर ट्रांसफर करवाए 7.55 लाख
बुजुर्ग को किसी से संपर्क न करने देकर ठगों ने उन्हें पूरी तरह से मानसिक दबाव में ले लिया। इसके बाद, कथित तौर पर मामले को रफा-दफा करने और बैंक खातों की 'सरकारी जांच' कराने के नाम पर ठगों ने एक बैंक अकाउंट नंबर दिया। बदनामी और जेल जाने के डर से बुजुर्ग ने अपने खाते से ₹7,55,206 ठगों के बताए अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद जब ठगों के फोन बंद हो गए, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।