Edited By Harman, Updated: 22 May, 2026 11:48 AM

हरियाणा से इस वक्त एक दुखदायी खबर निकलकर सामने आ रही है। प्रदेश के सबसे बुजुर्ग पूर्व विधायक सहीराम धारणिया ने आज 104 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। आज शुक्रवार तड़के 4 बजे उनका निधन हो गया। वहीं उनके निधन से परिवार और राजनीतिक जगत में शोक की लहर...
सिरसा : हरियाणा से इस वक्त एक दुखदायी खबर निकलकर सामने आ रही है। प्रदेश के सबसे बुजुर्ग पूर्व विधायक सहीराम धारणिया ने आज 104 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। आज शुक्रवार तड़के 4 बजे उनका निधन हो गया। वहीं उनके निधन से परिवार और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की सूचना पर परिवार और रिश्तेदार उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शनों के लिए आ रहे है।
बता दें कि सहीराम धारणिया वर्ष 1957 में अबोहर विधानसभा से जनसंघ से विधायक बने थे। वे बिश्नोई समाज से बनने वाले पहले विधायक थे। परिजनों के अनुसार, सहीराम धारणिया का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की बहावलपुर रियासत के तालिया गांव में हुआ था। देश के बंटवारे के बाद वे भारत आ गए थे। उन्होंने शुरुआती शिक्षा मोंगा में प्राप्त की और लाहौर पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की थी। लंबे समय तक वकालत करने के साथ-साथ वे समाज सेवा से भी जुड़े रहे। हिंदी आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
परिवार में उनके दो बेटे, दो बेटियां और कई पौत्र-पौत्रियां हैं। उनकी पत्नी रामेश्वरी देवी का करीब 10 वर्ष पहले निधन हो चुका है। परिजनों का कहना है कि सादा जीवन, खेती-बाड़ी से जुड़ाव और चिंता मुक्त रहना ही उनकी लंबी और स्वस्थ उम्र का सबसे बड़ा कारण था।