7 साल की बच्ची से दरिंदगी, फांसी से बचा पवन... लेकिन 50 साल से पहले नहीं आ सकेगा जेल से बाहर

Edited By Isha, Updated: 12 Aug, 2026 12:17 PM

pawan saved from hanging for raping a 7 year old girl

कैथल में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने के मामले मैं पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने दोषी पवन उर्फ मोनी की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है।

कैथल: कैथल में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने के मामले मैं पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने दोषी पवन उर्फ मोनी की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट अर्थ यहां सामान्य रूप से 14 या 20 साल बाद रिहाई नहीं है। दोषी को कम से कम 50 वर्ष की वास्तविक कैद भुगतनी होगी। इसके बाद ही उसकी रिहाई पर विचार किया जा सकेगा।

हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी पर कुल 73 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसमें हत्या के अपराध में 50 लाख और बाल यौन अपराध संरक्षण कानून के तहत 23 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है। अदालत ने निर्देश दिया है कि जुर्माने कीराशि पीड़ित बच्ची के परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाए।

हाई कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलते हुए दोषी को समाज से लंबे समय तक दूर रखने का आदेश दिया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि जुर्माने से प्राप्त राशि पीड़ित बच्ची के माता-पिता और भाई-बहनों को बराबर हिस्से में दी जाए। यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो उसकी रिहाई केवल इस आधार पर नहीं हो पाएगी। उसे अदालत की ओर से निर्धारित वास्तविक कैद की अवधि पूरी करनी होगी और जुर्माने की वसूली भी कानून के अनुसार की जाएगी।

मामला कैथल जिले के एक गांव का है। 8 अक्तूबर 2022 को सात साल की बच्ची खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। अगले दिन बच्ची का आधा जला हुआ शव बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने पवन उर्फ मोनी को मामले में आरोपी बनाया। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दोषी ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी।

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