बड़ी खबर: अब 3 साल के अनुभव के बिना नहीं बन सकेंगे सिविल जज, हरियाणा में लागू हुए नए नियम

Edited By Isha, Updated: 11 Aug, 2026 02:26 PM

big news now you cannot become a civil judge without 3 years of experience

विभिन्न अदालतों में प्रैक्टिस कर रहे वकील अब न्यूनतम तीन साल की वकालत करने के बाद ही सिविल जज बन सकेंगे। इतना ही नहीं, जज बनने के बाद विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण किए बगैर वेतनवृद्धि का लाभ भी नहीं

डेस्क: विभिन्न अदालतों में प्रैक्टिस कर रहे वकील अब न्यूनतम तीन साल की वकालत करने के बाद ही सिविल जज बन सकेंगे। इतना ही नहीं, जज बनने के बाद विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण किए बगैर वेतनवृद्धि का लाभ भी नहीं मिलेगा। हालांकि पांच साल के अनुभव वाले सिविल जज को जूनियर डिवीजन से सीनियर डिवीजन में पदोन्नति मिल सकेगी।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने पंजाब सिविल सेवा (न्यायिक शाखा) हरियाणा संशोधन नियम-2026 अधिसूचित कर दिए हैं, जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गए। न्यायिक सेवा में दो ग्रेड सिविल जज व सिविल जज निर्धारित किए गए हैं। संशोधित नियमों के अनुसार सिविल जज बनने के लिए आवेदन करने के इच्छुक क्कील के पास राज्य बार एसोसिएशन से तीन साल के लिए अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस करने का प्रमाणपत्र होना चाहिए।

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