Edited By Isha, Updated: 22 May, 2026 08:44 PM

नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही नकली किताबों का धंधा करने वाले माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कैथल की एक नामचीन बुक शॉप पर गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी
कैथल: नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही नकली किताबों का धंधा करने वाले माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कैथल की एक नामचीन बुक शॉप पर गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में एनसीईआरटी (NCERT) की पायरेटेड यानी नकली किताबें बरामद हुई हैं। इस बड़ी धोखाधड़ी के सामने आने के बाद पुलिस ने दुकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन को पिछले कुछ दिनों से इनपुट मिल रहे थे कि शहर की एक बुक शॉप पर धड़ल्ले से एनसीईआरटी की नकली किताबें बेची जा रही हैं, जो हूबहू असली जैसी दिखती हैं लेकिन उनकी छपाई और कागज की गुणवत्ता बेहद खराब है। इसी सूचना के आधार पर अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने दुकान पर औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया।
जब टीम ने दुकान के गोदाम और काउंटरों की बारीकी से तलाशी ली, तो वहां मौजूद स्टॉक को देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से अलग-अलग कक्षाओं की कुल 483 नकली एनसीईआरटी किताबें बरामद की गईं। इन किताबों के कॉपीराइट और होलोग्राम असली किताबों से मेल नहीं खा रहे थे। टीम ने तुरंत प्रभाव से पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया।
नकली किताबों के इस कारोबार से न सिर्फ सरकार और एनसीईआरटी को राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि अभिभावकों की जेब पर भी डाका डाला जा रहा था। असली किताबों की कीमत पर नकली और घटिया प्रिंटिंग वाली किताबें बेची जा रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत बुक शॉप के मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।