Edited By Isha, Updated: 16 May, 2026 10:16 AM

हरियाणा सरकार ने राज्यभर के कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) के माध्यम से किसान रजिस्ट्रेशन तैयार करने के काम में तेजी लाने का निर्णय लिया है। पीएम-किसान ई-केवाईसी के लिए प्रति किसान 15 रुपये का सेवा शुल्क पूरी तरह से सरकार वहन करेगी।
डेस्क: हरियाणा सरकार ने राज्यभर के कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) के माध्यम से किसान रजिस्ट्रेशन तैयार करने के काम में तेजी लाने का निर्णय लिया है। पीएम-किसान ई-केवाईसी के लिए प्रति किसान 15 रुपये का सेवा शुल्क पूरी तरह से सरकार वहन करेगी।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस पहल से सरकारी सेवाएं सीधे ग्रामीण स्तर पर पहुंचेंगी। केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक पहल और पीएम-किसान योजना के तहत, किसान पंजीकरण और ई-केवाईसी का
काम अब प्रदेश भर में सीएससी के माध्यम से किया जाएगा। यह डेटाबेस योजनाओं, सब्सिडी और सेवाओं को सीधे लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने में सक्षम बनाएगा।
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, असम और ओडिशा सहित कई राज्यों में 2.8 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है। हरियाणा अपनी किसान रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक तेज और सरल बनाना चाहता है। सीएससी केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों से किसी भी तरह की राशि न वसूलें।