Edited By Isha, Updated: 15 May, 2026 02:30 PM

हरियाणा सरकार ने बेटियों की संख्या बढ़ाने और भ्रूण लिंग जांच जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अपना अभियान और तेज कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ.
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने बेटियों की संख्या बढ़ाने और भ्रूण लिंग जांच जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अपना अभियान और तेज कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने और लोगों में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि सरकार पीसी-पीएनडीटी और एमटीपी कानूनों को सख्ती से लागू कर रही है ताकि कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाई जा सके और बेटियों को बराबरी और का अधिकार मिल सके। इसके लिए जिलों में लगातार छापेमारी और जांच अभियान चलाने को कहा गया है। उन्होंने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिए हैं कि अगले तीन कार्य दिवसों के भीतर डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति और टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों में लिंग अनुपात सुधारने और कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि मई 2026 तक पिछले साल की तुलना में लिंग अनुपात बेहतर करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। साथ ही फील्ड स्टाफ की जिम्मेदारी भी तय की जाए। उन्होंने धार्मिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय संस्थाओं से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने पंडितों, मौलवियों और ग्रंथियों के माध्यम से शादी समारोहों के दौरान नवविवाहित जोड़ों को भ्रूण लिंग जांच जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूक करने पर जोर दिया। सरकार ने स्वास्थ्य टीमों और सहेली नेटवर्क को भी गर्भवती महिलाओं खासकर जिनकी पहले से बेटियां हैं उन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।