Edited By Isha, Updated: 20 May, 2026 05:55 PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक में स्कूली शिक्षा और अनुशासन को लेकर कई बड़े और कड़े फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश
चंडीगढ़(धरणी): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक में स्कूली शिक्षा और अनुशासन को लेकर कई बड़े और कड़े फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के शिक्षा मंत्री भी मौजूद रहे, जहां छात्रों की पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और उनके समग्र विकास को लेकर नई गाइडलाइंस तय की गई हैं।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) रहेगा। यह आदेश राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा ताकि बच्चों को चिलचिलाती धूप और लू से राहत मिल सके।
क्लासरूम में मोबाइल के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों का ध्यान केंद्रित रखने के लिए शिक्षा मंत्री ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सुनाया है। नए निर्देशों के अनुसार, सरकारी स्कूलों का कोई भी अध्यापक अब क्लासरूम के भीतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि पढ़ाई के दौरान शिक्षकों द्वारा मोबाइल का उपयोग करने से छात्रों का ध्यान भटकता है और शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित होती है। क्लास के दौरान शिक्षकों का पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ बच्चों को पढ़ाने पर होना चाहिए।
स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होगा 'श्रमदान'
विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और शारीरिक श्रम के प्रति सम्मान की भावना पैदा करने के लिए शिक्षा मंत्री ने एक और अनोखी पहल की घोषणा की है। अब हरियाणा के स्कूली पाठ्यक्रम (Syllabus) में 'श्रमदान' को भी शामिल किया जाएगा। इसके तहत छात्रों को स्कूल परिसर की साफ-सफाई, बागवानी और पर्यावरण संरक्षण जैसे रचनात्मक कार्यों से जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की इस संयुक्त बैठक में लिए गए इन फैसलों का उद्देश्य राज्य की स्कूली शिक्षा को अधिक अनुशासित, व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाना है