Edited By Isha, Updated: 20 May, 2026 02:28 PM

हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग ने सरकारी कर्मचारियों की प्रॉपर्टी रिटर्न (Property Return) भरने को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय सीमा
चंडीगढ़: हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग ने सरकारी कर्मचारियों की प्रॉपर्टी रिटर्न (Property Return) भरने को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय सीमा के भीतर संपत्तियों का ब्योरा नहीं दिया गया, तो कर्मचारियों का वेतन (सैलरी) रोका जा सकता है।
निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा (पंचकूला) की ओर से प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEOs) को इस संबंध में एक बेहद सख्त पत्र जारी किया गया है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, यह आदेश किसी एक वर्ग के लिए नहीं बल्कि विभाग के अंतर्गत आने वाले बड़े अमले पर लागू होगा। श्रेणी-1 (Class-1), श्रेणी-2 (Class-2) और श्रेणी-3 (Class-3) के सभी कर्मचारियों के लिए यह रिटर्न भरना अनिवार्य किया गया है। कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2025-26 की अपनी प्रॉपर्टी रिटर्न ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करनी होगी।
पत्र में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों से 22 मई तक हर हाल में ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न भरवाना सुनिश्चित करें। विभाग की दोटूक चेतावनी: जो कर्मचारी 22 मई की अंतिम तिथि तक अपनी संपत्तियों का ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड नहीं करेंगे, उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी और उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा। इस सख्ती के बाद अब विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है और लंबित रिटर्न को पूरा करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।