Edited By Isha, Updated: 03 May, 2026 12:56 PM

हरियाणा में फसल अवशेष (फाने) जलाने के मामलों को रोकने में कृषि विभाग की तैयारी कमजोर नजर आ रही है। इस सीजन शनिवार को रिकॉर्ड आग लगाने के 476 मामले सामने आए हैं। कार्रवाई के तौर पर अब तक कुल 561 किसानों की रेड एंट्री दी गई है।
चंडीगढ़: हरियाणा में फसल अवशेष (फाने) जलाने के मामलों को रोकने में कृषि विभाग की तैयारी कमजोर नजर आ रही है। इस सीजन शनिवार को रिकॉर्ड आग लगाने के 476 मामले सामने आए हैं। कार्रवाई के तौर पर अब तक कुल 561 किसानों की रेड एंट्री दी गई है।
रेड एंट्री के बाद नियमानुसार इसमें किसानों पर आगामी दो साल तक अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेचने पर रोक लग जाती है। पड़ोसी राज्य पंजाब में शनिवार को फसल अवशेष जलाने के 644 मामले आए हैं। हरियाणा में अभी तक सबसे ज्यादा 29 अप्रैल को फसल अवशेष जलाने के 376 मामले मिले।
शनिवार को इससे 100 मामले ज्यादा आए है। 27 अप्रैल को 345 मामले आए थे। सीजन में जींद, रोहतक और सोनीपत जिले हॉटस्पॉट बने हुए हैं। सबसे ज्यादा फसल अवशेष जलाने के 102 मामले जींद से आए हैं जबकि रोहतक के 60 और सोनीपत के 45 मामले मिले हैं।