Edited By Isha, Updated: 03 May, 2026 12:28 PM

पुलिस की कार्यप्रणाली में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर रोहतक के एसपी गौरव राजपुरोहित ने बड़ी गाज गिराई है। फरमाणा गांव के एक किसान की फसल चोरी की शिकायत पर 15 दिनों तक कोई कार्रवाई न करने
रोहतक/महम: पुलिस की कार्यप्रणाली में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर रोहतक के एसपी गौरव राजपुरोहित ने बड़ी गाज गिराई है। फरमाणा गांव के एक किसान की फसल चोरी की शिकायत पर 15 दिनों तक कोई कार्रवाई न करने के आरोप में महम थाना प्रभारी (SHO) रविंद्र कुमार और जांच अधिकारी (ASI) नरेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मामला क्या था?
फरमाणा खास निवासी किसान शशि ने आरोप लगाया था कि गांव के ही एक युवक दीपक ने रात के समय उनके सवा एकड़ खेत से गेहूं की फसल निकाल ली (चोरी कर ली)। पीड़ित ने 16 अप्रैल को महम थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
जब थाने से न्याय नहीं मिला, तो किसान ने 21 अप्रैल को सीएम विंडो (CM Window) पर शिकायत दर्ज कराई। मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश मिलते ही एसपी रोहतक एक्शन में आए।सीएम विंडो की भनक लगते ही पुलिस ने 30 अप्रैल को शाम 5 बजे आरोपी दीपक के खिलाफ FIR दर्ज की। एफआईआर दर्ज होने के महज 3 घंटे बाद, रात 8 बजे एसपी गौरव राजपुरोहित ने लापरवाही के आरोप में एसएचओ और आईओ को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।
यह कार्रवाई उन पुलिस अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो आम जनता की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं करते। पुलिस कप्तान ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य में कोताही और पीड़ितों को परेशान करने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।