Edited By Isha, Updated: 03 May, 2026 12:13 PM

सिविल अस्पताल में तैनात एक महिला डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आया है। गांव छोछी की रहने वाली रेखा, जो अस्पताल में कार्यरत है, ने ड्यूटी रोस्टर में बदलाव
झज्जर: सिविल अस्पताल में तैनात एक महिला डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आया है। गांव छोछी की रहने वाली रेखा, जो अस्पताल में कार्यरत है, ने ड्यूटी रोस्टर में बदलाव न किए जाने और उच्चाधिकारियों के कथित उत्पीड़न से तंग आकर यह कदम उठाया।
क्या है पूरा मामला?
रेखा का आरोप है कि वह प्रतिदिन 35 किलोमीटर दूर से ड्यूटी पर आती है और घर की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर है। उसने सुसाइड नोट में विस्तार से अपनी पीड़ा लिखी है।रेखा ने बताया कि रात के समय इतनी दूर से आकर ड्यूटी करना उसके लिए संभव नहीं है, फिर भी रोस्टर में उसकी नाइट ड्यूटी लगा दी गई।इस संबंध में उसने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
आरोप है कि सुपरवाइजर ने नाइट ड्यूटी न करने पर हाजिरी न लगाने की धमकी दी। साथ ही, नोडल इंचार्ज और सुपरवाइजर ने छुट्टी देने से भी इनकार कर दिया और जिम्मेदारी एक-दूसरे पर टालते रहे।तबीयत बिगड़ने पर रेखा को पहले अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया है।
आर्य नगर थाना प्रभारी विजेंद्र ने बताया कि सुसाइड नोट बरामद कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।सामान्य अस्पताल के प्रभारी डॉ. पुष्पेंद्र ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि रेखा की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार ही लगाई गई थी और उसे कोई अतिरिक्त काम नहीं दिया गया था।