Edited By Isha, Updated: 02 May, 2026 01:50 PM

गांव मिल्कपुर के समीप एक निजी बस में हुए भीषण धमाके और आगजनी मामले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। हालांकि, धमाके के असली कारणों का खुलासा होने में अभी चार से पांच दिन का समय और लगेगा।
डेस्क: गांव मिल्कपुर के समीप एक निजी बस में हुए भीषण धमाके और आगजनी मामले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। हालांकि, धमाके के असली कारणों का खुलासा होने में अभी चार से पांच दिन का समय और लगेगा। पुलिस प्रशासन और फॉरेंसिक टीमें फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले कोई चूक न रह जाए।
जांच प्रक्रिया के तहत पुलिस ने बैलेस्टिक जांच की रिपोर्ट मधुबन मुख्यालय भेज दी है। वहां के विशेषज्ञ विस्फोट के प्रकार और तीव्रता का बारीकी से विश्लेषण करेंगे।घटनास्थल से जुटाए गए नमूनों की जांच के लिए विभिन्न फॉरेंसिक (FSL) टीमें लगातार जुटी हुई हैं। धमाका किसी विस्फोटक उपकरण (IED) की वजह से था या बस में रखे किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण, इसकी गहराई से पड़ताल की जा रही है।धमाके के बाद बस में लगी भीषण आग के कारणों को भी बैलेस्टिक साक्ष्यों के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
क्यों हो रही है देरी?
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह एक संवेदनशील मामला है। मधुबन मुख्यालय से तकनीकी क्लीयरेंस और फॉरेंसिक टीमों की संयुक्त रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। तब तक पुलिस मिल्कपुर और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की आवाजाही पर भी नज़र बनाए हुए है।मधुबन मुख्यालय की रिपोर्ट इस मामले में सबसे अहम कड़ी साबित होगी, जिससे यह साफ होगा कि यह कोई तकनीकी हादसा था या किसी साजिश का हिस्सा।