Edited By Harman, Updated: 27 Apr, 2026 05:02 PM

हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में छात्र-पुलिस विवाद के बाद सोमवार को क्रांतिमान पार्क में जननायक जनता पार्टी (JJP) की ओर से ‘छात्र हित महापंचायत’ आयोजित की गई। महापंचायत में कई अहम फैसले लिए गए और सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया गया।
हिसार (विनोद सैनी) : हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में छात्र-पुलिस विवाद के बाद सोमवार को क्रांतिमान पार्क में जननायक जनता पार्टी (JJP) की ओर से ‘छात्र हित महापंचायत’ आयोजित की गई। महापंचायत में कई अहम फैसले लिए गए और सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया गया।
महापंचायत में तय किया गया कि 21 सदस्यीय कमेटी कमिश्नर और ADGP से मुलाकात कर छात्रों और पार्टी का पक्ष रखेगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि 5 दिन में मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। वही महापंचायत में छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए।
मुख्य मांगों में:
.सस्पेंड किए गए सभी छात्रों की तुरंत बहाली
.कुरुक्षेत्र और हिसार में छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी
.यूनिवर्सिटी परिसर में सभी छात्र संगठनों को कार्यक्रम करने की अनुमति
.शिक्षा शुल्क नियंत्रण के लिए रेगुलेटरी बोर्ड का गठन
.छात्रों के लिए एक्टिविटी सेंटर का निर्माण
.मेस के भोजन की गुणवत्ता की जांच
.छात्र-पुलिस विवाद की निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन
GJU विवाद पर दुष्यंत चौटाला के कड़े तेवर
वही महापंचायत में पहुंचे पूर्णिया (बिहार) से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि हरियाणा का यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा। उन्होंने दुष्यंत चौटाला के समर्थन में कहा कि इस संघर्ष में “पूरा बिहार और देश साथ खड़ा है।” वही ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर आरोप लगाया कि परिसर में RSS और BJP की विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आपको बता दें कि विवाद 15 अप्रैल को GJU में शुरू हुआ, जब कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर दिग्विजय चौटाला के नेतृत्व में JJP कार्यकर्ताओं ने वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान तोड़फोड़ के आरोप में दिग्विजय समेत 8 नेताओं पर केस दर्ज हुआ और 6 को गिरफ्तार किया गया, हालांकि अगले दिन उन्हें जमानत मिल गई। 17 अप्रैल को एफआईआर के विरोध में दुष्यंत चौटाला गिरफ्तारी देने जा रहे थे, तभी रास्ते में उनका सीआईए इंचार्ज पवन कुमार से विवाद हो गया। दुष्यंत ने आरोप लगाया कि उनका काफिला रोककर धमकाया गया, जबकि पुलिस अधिकारी का कहना था कि एस्कॉर्ट गाड़ी के ड्राइवर की लापरवाही के चलते उसे रोका गया।
SIT रिपोर्ट में पवन कुमार को राहत
मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, सीआईए इंचार्ज पवन कुमार को क्लीन चिट दे दी गई है। महापंचायत के अल्टीमेटम के बाद अब नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है। यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं होतीं, तो हरियाणा में यह आंदोलन और तेज हो सकता है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है।