Edited By Isha, Updated: 27 Apr, 2026 10:37 AM

हरियाणा के हिसार में आज पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में एक विशाल 'छात्र महापंचायत' का आयोजन किया जा रहा है। गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) विवाद के बाद पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में बुलाई ग
हिसार: हरियाणा के हिसार में आज पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में एक विशाल 'छात्र महापंचायत' का आयोजन किया जा रहा है। गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) विवाद के बाद पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में बुलाई गई इस पंचायत ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। एक ओर जहाँ दुष्यंत चौटाला आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं, वहीं पुलिस की SIT रिपोर्ट ने विवाद में नया मोड़ ला दिया है।
जेजेपी (JJP) ने इस महापंचायत के लिए ABVP को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख छात्र संगठनों (NSUI, SFI, INSO) को न्योता दिया है। इसे छात्र राजनीति के जरिए सरकार को घेरने की बड़ी कवायद माना जा रहा है।हिसार के क्रांतिमान पार्क में जुटने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।महापंचायत से ठीक पहले आई SIT (विशेष जांच दल) की रिपोर्ट ने आग में घी डालने का काम किया है।
दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया था कि CIA-2 इंचार्ज पवन कुमार ने उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की थी। हालांकि, SIT ने अपनी जांच में इंस्पेक्टर पवन को क्लीन चिट दे दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुष्यंत के काफिले की गाड़ियां नियमों का उल्लंघन कर रही थीं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस का दावा है कि इंस्पेक्टर के पास उस समय कोई हथियार भी नहीं था।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पुलिस ने GJU में हुए हंगामे के सिलसिले में जेजेपी और इनसो (INSO) के छात्र नेताओं के घरों पर देर रात छापेमारी की। दुष्यंत चौटाला का आरोप है कि "पुलिस ने बिना महिला कांस्टेबल के आधी रात को कार्यकर्ताओं के घरों में घुसकर महिलाओं और बच्चों के साथ बदसलूकी की। यह कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि गुंडागर्दी है। मामला अब केवल सड़क पर ही नहीं, बल्कि अदालत में भी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर हिसार एसपी से हलफनामा मांगा है। कोर्ट में अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होनी है, जहाँ पुलिस को अपनी कार्रवाई का औचित्य साबित करना होगा।