Edited By Manisha rana, Updated: 04 Jun, 2026 03:05 PM

हांसी में भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन को लेकर चल रहे चानौत गांव में चल रहे धरने में अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेद लोहान ने प्रशासन पर किसानों, खाप प्रतिनिधियों और आंदोलन समिति के सदस्यों पर दर्ज मुकदमों को लेकर सवाल...
हांसी (संदीप सैनी) : हांसी में भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन को लेकर चल रहे चानौत गांव में चल रहे धरने में अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेद लोहान ने प्रशासन पर किसानों, खाप प्रतिनिधियों और आंदोलन समिति के सदस्यों पर दर्ज मुकदमों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिन किसानों की जमीन में पाइपलाइन डाली गई, उनकी अनुमति के बिना खेतों में खुदाई की गई और बाद में विरोध करने वालों पर ही केस दर्ज कर दिए गए।
राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेद लोहान ने कहा कि यदि प्रशासन ने किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया और मुकदमे वापस नहीं लिए, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देने और खेतों को पहले जैसी स्थिति में बहाल करने की मांग की। उनका कहना है कि वे शहर को पानी दिए जाने के विरोध में नहीं हैं, लेकिन ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उनका सुझाव है कि प्रशासन गांव की समिति के साथ बातचीत कर ऐसा समाधान निकाले जिससे शहर और गांव दोनों को पर्याप्त पेयजल मिल सके।
इस बीच आंदोलन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। इनेलो ने दावा किया कि यदि गांव की समिति और किसान संगठन चाहेंगे तो उनकी कानूनी टीम किसानों की निशुल्क मदद करेगी। चानौत में पेयजल परियोजना को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासन, किसानों और राजनीतिक दलों के बीच बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। सभी की निगाहें आगामी वार्ताओं और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। आपको बता दें कि ग्रामीणों द्वारा भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन को एक जून को उखाड़ने का प्रयास किया गया था जिसको लेकर प्रशासन ने 31 लोंगो को नामजद करते हुए कई अन्य पर मामला दर्ज किया था।