Edited By Isha, Updated: 16 Jul, 2026 09:12 AM

हरियाणा में मानसून ब्रेक की स्थिति बनी हुई है और मानसून कमजोर बना हुआ है। यहां मानसून की रफ्तार थमने से अब तक सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़
हिसार: हरियाणा में मानसून ब्रेक की स्थिति बनी हुई है और मानसून कमजोर बना हुआ है। यहां मानसून की रफ्तार थमने से अब तक सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी में छिटपुट बूंदाबांदी बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया। अब लगातार दक्षिणी पश्चिमी हवाओं से सम्पूर्ण इलाके में लगातार उमस भरी पसीना छुटाने वाली गर्मी से आमजन को रू-ब-रू होना पड़ रहा है। 19 से 31 जुलाई के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में मानसून टर्फ तराई क्षेत्रों पर विराजमान है जिससे हरियाणा-एन.सी. आर. दिल्ली में मानसून की रफ्तार पर ब्रेक लगा है। इस साल मानसून पर अलनीनो का ग्रहण लगा हुआ है।
हरियाणा राज्य में 1 जून से 14 जुलाई के दौरान 106.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। हरियाणा के 6 जिलों यमुनानगर, महेन्द्रगढ़, पलवल, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। बाकी के जिलों में औसत से बेहद कम बारिश हुई है। इस मानसूनी ब्रेक के कारण किसानों की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं जो बारिश के भरोसे धान की बुआई और रोपाई की तैयारियों में जुटे थे।
बारिश कम होने के कारण ज्यादातर इलाकों में पारा चढ़ गया है। अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सैल्सियस तक ऊपर चला गया है। नारनौल में बुधवार को अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 4.0 डिग्री अधिक है।