साइबर ठगों की अब खैर नहीं; हरियाणा में खुलेंगे 5 नए साइबर थाने, AI से हर गतिविधि पर रखी जाएगी नजर

Edited By Krishan Rana, Updated: 15 Jul, 2026 09:29 PM

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हरियाणा सरकार ने तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बड़ा कदम

चंडीगढ़ (चंद्रशेखर धरणी): हरियाणा सरकार ने तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पांच नए साइबर पुलिस थानों की स्थापना का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली, ई-जीरो एफआईआर, आधुनिक जांच तकनीकों और राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र (एस-4सी) के विस्तार के जरिए डिजिटल अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गई है।

दिल्ली से सटे संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए झज्जर, बहादुरगढ़, गोहाना तथा सोनीपत पूर्व और सोनीपत पश्चिम में नए साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों के शुरू होने से ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट, डिजिटल धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों की जांच पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी।

गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना
गृह सचिव सुधीर राजपाल ने पांच नए साइबर पुलिस थानों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। साथ ही वर्ष 2023 में पंचकूला में स्थापित राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र (एस-4सी) की क्षमताओं के विस्तार की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि पूरे प्रदेश में साइबर अपराधों की निगरानी और जांच को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने दिए तकनीक आधारित पुलिसिंग के निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र के लिए आवश्यक मानव संसाधन की शीघ्र स्वीकृति देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एआई आधारित साइबर मॉनिटरिंग, तकनीक आधारित पुलिसिंग, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, अभियोजन प्रणाली को मजबूत बनाने तथा पीड़ित सहायता तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया है। सरकार का उद्देश्य बदलते डिजिटल खतरों का आधुनिक तकनीक के जरिए प्रभावी मुकाबला करना है।

29 साइबर थाने पहले से सक्रिय, हजारों पुलिसकर्मी प्रशिक्षित
प्रदेश में पहले से 29 साइबर पुलिस थाने संचालित हो रहे हैं, जहां 675 पुलिसकर्मी साइबर अपराधों की जांच में लगे हुए हैं। इसके अलावा 9,100 पुलिसकर्मियों को साइबर जांच का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

साइबर कमांडो भी होंगे तैनात
हरियाणा पुलिस साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए विशेष साइबर कमांडो तैयार कर रही है। अब तक दो पुलिस अधिकारियों को साइबर कमांडो के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि अगले चरण में 12 अन्य अधिकारियों को इस विशेष प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है।

ई-जीरो एफआईआर से मिलेगी त्वरित कार्रवाई
राज्य सरकार ने 25 जून से ई-जीरो एफआईआर प्रणाली लागू कर दी है। अब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज एक लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें स्वतः इलेक्ट्रॉनिक जीरो एफआईआर में परिवर्तित होकर संबंधित साइबर पुलिस थाने को भेज दी जाती हैं। इससे मामलों का तुरंत पंजीकरण, प्रारंभिक जांच और अपराधियों तक शीघ्र पहुंच सुनिश्चित होगी।

डिजिटल सुरक्षा को नई मजबूती
नई साइबर पुलिस व्यवस्था, एआई आधारित निगरानी, प्रशिक्षित साइबर विशेषज्ञों और आधुनिक जांच तंत्र के जरिए हरियाणा सरकार डिजिटल सुरक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर ठगी और सोशल मीडिया आधारित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।  

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