Edited By Krishan Rana, Updated: 15 Jul, 2026 05:12 PM

कैथल के गांव सजूमा में बच्चों में फैले हेपेटाइटिस-ए संक्रमण की जांच में ग्रामीणों की लापरवाही भी सामने आई
कैथल (जयपाल रसूलपुर) : कैथल के गांव सजूमा में बच्चों में फैले हेपेटाइटिस-ए संक्रमण की जांच में ग्रामीणों की लापरवाही भी सामने आई है। जन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि गांव में लोगों ने अपने स्तर पर 50 से अधिक असुरक्षित पेयजल कनेक्शन लगा रखे थे। इनमें तकनीकी कमियां थीं, जिससे सीवरेज व बारिश का दूषित पानी पाइपलाइन में रिसकर संक्रमण फैला।
विभाग ने सभी विशेष कनेक्शनों की जांच शुरू कर दी है और दोबारा पानी के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। गांव में दर्जनों स्थानों पर लोगों ने अपने स्तर पर घरों व पशुओं के बाड़ों तक पाइपलाइन के कनेक्शन जोड़ रखे हैं। इनमें निम्न गुणवत्ता की पाइपों का इस्तेमाल किया गया तथा गड्ढों को भी सही तरीके से बंद नहीं किया गया था।
डोर-टू-डोर सर्वे में दर्जनों असुरक्षित कनेक्शन मिले, जिनमें कई पाइप नालियों के पास बिछी मिलीं। इन्हें अब ठीक करा दिया गया है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि जन स्वास्थ्य विभाग अपनी कमियों को छिपाने के लिए ऐसा कर रहा है। गांव में विभाग का एक सबमर्सिबल बोर जोहड़ के पास लगा है। इस जोहड़ में गांव का गंदा पानी जाता है, इसलिए इसका पानी दूषित है। इससे संक्रमण फैला है। ग्रामीणों ने मांग की कि गांव के जलाशयों को भाखड़ा नहर के पानी से जोड़ा जाए, ताकि स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो सके।
राहत ये : 36 सैंपलों की रिपोर्ट आई, नया केस नहीं मिला
राहत की बात यह है कि संक्रमित बच्चों की हालत में अब काफी सुधार है। घरों में इलाज ले रहे बच्चे भी ठीक हो रहे हैं। मंगलवार सुबह 36 सैंपलों की रिपोर्ट आई, जिनमें कोई नया संक्रमित नहीं मिला। मंगलवार को अलग-अलग जगहों से हल्के लक्षण वाले बच्चों व बड़ों के सैंपल लिए गए, जिनकी रिपोर्ट देर रात तक आने की संभावना है।
जन स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में डटी हुई हैं। गांव के हर घर के कनेक्शन की जांच की जा रही है। पानी की सप्लाई से अलग-अलग जगहों से लिए गए छह सैंपलों में पानी पीने योग्य मिला तथा क्लोरीन की मात्रा भी सही पाई गई।
गांव में 24 घंटे मेडिकल टीमें व एंबुलेंस उपलब्ध : CMO
सीएमओ डॉ. रेनू चावला ने बताया कि गांव में 24 घंटे मेडिकल टीमें व एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मुफ्त जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। शिविर में हेपेटाइटिस-ए व ई, स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस, टाइफाइड तथा लिवर फंक्शन से जुड़े आवश्यक टेस्ट किए जा रहे हैं। साथ ही दवाइयों, ओआरएस के पैकेट और क्लोरीन की गोलियों का वितरण भी किया जा रहा है।
50 से अधिक जगह मिले असुरक्षित कनेक्शन : XEN
पब्लिक हेल्थ विभाग के XEN जगदीप दलाल ने कहा कि गांव का दौरा करने पर सामने आया कि 50 से स्थानों पर ग्रामीणों ने अपने स्तर पर असुरक्षित पेयजल कनेक्शन किए हुए हैं। उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए विभाग ने तीन विशेष टीमें गठित की हैं, जो खराब और असुरक्षित कनेक्शनों को ठीक कर दिया गया है। अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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