हरियाणा में विकास की बड़ी रफ्तार, जलापूर्ति और सीवरेज सुधार के लिए 2,534.39 करोड़ मंजूर

Edited By Isha, Updated: 15 Jul, 2026 02:49 PM

2 534 39 crore approved for water supply and sewerage improvements

हरियाणा में 2,534.39 करोड़ रुपये की लागत से 712 नई जलापूर्ति, सीवरेज एवं बरसाती जल निकासी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2026-2027 के लिए संबंधित योजनाओं पर काम होगा। इस बार पेयजल आपूर्ति

चंडीगढ़: हरियाणा में 2,534.39 करोड़ रुपये की लागत से 712 नई जलापूर्ति, सीवरेज एवं बरसाती जल निकासी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2026-2027 के लिए संबंधित योजनाओं पर काम होगा। इस बार पेयजल आपूर्ति से जुड़े कनेक्शनों की संख्या में बढ़ोतरी का लक्ष्य तय किया है। 31 मार्च 2027 तक पानी के कनेक्शन 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 93 प्रतिशत किए जाएंगे।

यहां जारी बयान में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने स्वीकृत योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आमजन को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (डब्ल्यूएसएसबी) की 59वीं बैठक में परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। मंत्री ने

बताया कि शहरी क्षेत्र में 526.49 करोड़ रुपये की लागत से 18 सीवरेज परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनमें बहादुरगढ़, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, जगाधरी और रोहतक की प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। ऐलनाबाद और बवानी खेड़ा में बरसाती जल निकासी व्यवस्था में सुधार के लिए 19.11 करोड़ रुपये की लागत से 2 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसी तरह से 1,108.28 करोड़ रुपये की लागत से 603 नई जलापूर्ति और सुधार से संबंधित योजनाओं को स्वीकृति मिल गई है।

इन योजनाओं के तहत नए नलकूप लगाए जाएंगे। नहर आधारित जल घरों के निर्माण से लेकर वर्तमान नहर आधारित जल घरों और बूस्टिंग स्टेशनों का भी निर्माण होगा। नए विकसित हो चुके क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइप लाइन

और पुराने पाइपों को भी बदला जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज सुविधाओं के विस्तार के लिए 203.58 करोड़ रुपये की लागत से 13 महाग्राम सीवरेज परियोजनाओं पर काम होगा। 71.58 करोड़ रुपये की लागत से 3 महाग्राम जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। उज्जीना, बबाइन, रामसरण माजरा, उमरी, टिकली समूह के 5 गांवों की प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।

ग्रामीण बस्तियों में पेयजल आपूर्ति के लिए 2 कार्यों को 44 लाख रुपये खर्च होंगे। संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए 2 कार्यों को 1.58 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्वीकृति दी गई है। मंत्री ने कहा कि विभागीय प्रतिष्ठानों पर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और जल शुल्क संग्रहण में सुधार लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

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