Edited By Isha, Updated: 16 Jul, 2026 12:10 PM

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक की मदद से 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान (चरण-2) के पहले 104 दिनों में 25,666 नए टीबी मरीजों की पहचान की है।
चंडीगढ़: हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक की मदद से 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान (चरण-2) के पहले 104 दिनों में 25,666 नए टीबी मरीजों की पहचान की है। इस दौरान प्रदेशभर में 4,73,197 लोगों की जांच की गई। अभियान के तहत 24 मार्च से 5 जुलाई तक 3,914 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिनमें से 2,854 उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में थे।
इन शिविरों में 2,25,321 चेस्ट एक्सरे और करीब 1.25 लाख एनएएटी जांचें की गईं जिनसे नए मरीजों का पता चला। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर समय पर इलाज शुरू करना है। इससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा। विभाग की टीमें गांवों और शहरों में घर-घर जाकर जांच कर रही हैं, खासकर टीबी के अधिक खतरे वाले क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। टीबी मरीजों के बेहतर इलाज और पोषण के लिए 23,962 पोषण किट भी वितरित की गई हैं।
अभियान में आधुनिक एआई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्सरे मशीनों से दूर-दराज के इलाकों में तुरंत जांच हो रही है। कफ अगेंस्ट टीबी मोबाइल एप खांसी की आवाज का विश्लेषण कर संभावित मरीजों की पहचान में मदद कर रहा है। राज्य के 2,111 गांवों और शहरी वार्डों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां विशेष स्क्रीनिंग अभियान चल रहा है।