Edited By Isha, Updated: 30 Jul, 2026 10:53 AM

एशियाई खेलों के लिए चयनित भारतीय पहलवानों की फिटनेस पर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अब हर सप्ताह नजर रखेगा। महासंघ ने सभी मुख्य प्रशिक्षकों, कोचों और मेडिकल स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि
सोनीपत: एशियाई खेलों के लिए चयनित भारतीय पहलवानों की फिटनेस पर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अब हर सप्ताह नजर रखेगा। महासंघ ने सभी मुख्य प्रशिक्षकों, कोचों और मेडिकल स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि चयनित खिलाड़ियों की साप्ताहिक मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व केवल पूरी तरह फिट खिलाड़ी ही करें।
भारतीय कुश्ती महासंघ के सह सचिव विनोद तोमर ने बताया कि महासंघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह की ओर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि एशियाई खेल विश्व के सबसे प्रतिष्ठित बहु-खेल आयोजनों में शामिल हैं और हर पहलवान का सपना इसमें भारत का प्रतिनिधित्व करना होता है।
महासंघ ने निर्देश दिए हैं कि सभी मुख्य प्रशिक्षक, कोच और मेडिकल स्टाफ प्रत्येक चयनित पहलवान के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करेंगे। प्रत्येक खिलाड़ी की विस्तृत मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट हर सप्ताह भारतीय कुश्ती महासंघ के मुख्यालय भेजना अनिवार्य होगा। इन्हीं रिपोटों के आधार पर खिलाड़ियों की फिटनेस और स्वास्थ्य की लगातार समीक्षा की जाएगी। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई चयनित पहलवान प्रतियोगिता से पहले गंभीर रूप से चोटिल हो जाता है या अनफिट पाया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल महासंघ को देनी होगी। ऐसी स्थिति में चयन नीति के अनुरूप बिना देरी उपयुक्त वैकल्पिक खिलाड़ी को टीम में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि प्रतियोगिता में भारत की तैयारी प्रभावित न हो।
विनोद तोमर ने कहा कि कुश्ती जैसे खेल में प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के दौरान चोट लगने की संभावना बनी रहती है। इसी कारण सामान्य परिस्थितियों में महासंघ किसी भी बड़ी प्रतियोगिता से 30 से 40 दिन पहले ही अंतिम टीम की घोषणा करता है, ताकि खिलाड़ियों की फिटनेस का सही आकलन किया जा सके।