Edited By Isha, Updated: 16 Jun, 2026 07:46 AM

हरियाणा के 2100 एक्सटेंशन और 45 गेस्ट प्रोफेसरों की सेवा सुरक्षा से जुड़े कानून में कई अहम संशोधन किए गया हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अधिक शिक्षकों को रोजगार सुरक्षा देना, वेतन संबंधी अस्पष्ट तथ्यों को
चंडीगढ़: हरियाणा के 2100 एक्सटेंशन और 45 गेस्ट प्रोफेसरों की सेवा सुरक्षा से जुड़े कानून में कई अहम संशोधन किए गया हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अधिक शिक्षकों को रोजगार सुरक्षा देना, वेतन संबंधी अस्पष्ट तथ्यों को दूर करना और अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सबसे बड़ा संशोधन पात्रता तिथि को लेकर है। पहले सेवा सुरक्षा कानून का लाभ केवल उन शिक्षकों को मिलना था जी 30 जून 2023 तक कार्यरत थे। अब इस तिथि को बढ़ाकर 21 जुलाई 2025 कर दिया गया है। इससे बड़ी संख्या में अतिरिक्त एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर्स कानून के दायरे में आ गए हैं। दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव सेवा अवधि की गणना को लेकर है। पहले पात्रता के लिए एक कैलेंडर वर्ष में 240 कार्य दिवस पूरा करना जरूरी माना जाता था। अब इसे बदलकर एक वर्ष की संविदात्मक सेवा अवधि के दौरान 240 दिन कर दिया गया है। इससे पात्रता तय करने में शिक्षकों को राहत मिलेगी और तकनीकी कारणों से लाभ से वंचित होने की संभावना कम होगी।
इसी तरह वेतन संबंधी प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है। पहले मानदेय और महंगाई भत्ते को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। अब पात्र एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर्स को 57,700 रुपये प्रतिमाह एकमुश्त मानदेय मिलेगा। साथ ही हर वर्ष 1 जनवरी और 1 जुलाई को महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि के अनुरूप मानदेय बढ़ाया जाएगा। वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) का लाभ भी मिलेगा। शिक्षक के निधन की स्थिति में उनके परिवार को अनुकंपा वित्तीय सहायता या हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) में अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिल सकेगा।
एक्ट लागू नहीं हुआ तो जून के अंत में होगा
महापड़ाव ईश्वर सिंह एक्सटेशन लेक्चरर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राज्य प्रधान ईश्वर सिंह ने कहा कि एक्सटेंशन लेक्चरर्स सिक्योरिटी ऑफ सर्विस एमट-2024 को विधानसभा से पारित हुए दो वर्ष हो चुके हैं लेकिन उन्नतर शिक्षा विभाग ने अब तक इसे लागू नहीं किया है। सभी पात्र शिक्षकों को जल्द रोजगार सुरक्षा के नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। जून के अंत तक एक्ट लागू नहीं हुआ तो हाजारी एक्सटेंशन लेक्चरर्स पंचकूला में महापड़ाव और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।