Edited By Isha, Updated: 13 Aug, 2026 08:39 AM

हरियाणा में HKRN कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर कांग्रेस के 19 अगस्त को पंचकूला में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कांग्रेस
यमुनानगर(परवेज खान): हरियाणा में HKRN कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर कांग्रेस के 19 अगस्त को पंचकूला में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस पर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने और ठेकेदारी प्रथा के जरिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप लगाए हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कर्मचारियों को ठेकेदारों के माध्यम से नौकरियां दी जाती थीं। उनके मुताबिक, कई बार कर्मचारियों को 9 महीने तक वेतन नहीं मिलता था।
कंवरपाल गुर्जर ने दावा किया कि सरकार की ओर से एक कर्मचारी के लिए 12 हजार रुपये दिए जाते थे, लेकिन ठेकेदार कर्मचारियों को सिर्फ 9 हजार रुपये ही देता था। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बनने के बाद उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के सामने कर्मचारियों की इस समस्या को रखा था। इसके बाद HKRN यानी हरियाणा कौशल रोजगार निगम की नीति बनाई गई और कर्मचारियों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे उनके बैंक खातों में पूरा वेतन देने की व्यवस्था की गई। कंवरपाल गुज्जर ने कहा की कांग्रेस लूट का पुराना दौर दोबारा लाना चाहती है। आज HKRN के कर्मचारियों को पूरा वेतन सीधे उनके खाते में मिल रहा है और कर्मचारी खुश हैं। कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस अब चाहे जो भी बयान दे, जनता पर उसका कोई असर नहीं पड़ता।
वहीं HKRN कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 19 अगस्त को पंचकूला में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद हरियाणा की राजनीति में HKRN कर्मचारियों का मुद्दा कितना बड़ा सियासी मुद्दा बनता है।