अब नहीं भिड़ेंगी ट्रेनें! पंजाब-हरियाणा के मुख्य रेल रूटों पर एक्टिव होगी स्वदेशी 'कवच' प्रणाली, खुद लग जाएंगे ब्रेक

Edited By Isha, Updated: 16 Jun, 2026 07:19 AM

the indigenous  kavach  will be activated on key rail routes

नई भारतीय रेलवे ने अंबाला मंडल की शेष ब्रॉडगेज लाइनों पर कवच प्रणाली स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 201 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह 811 रूट किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी

दिल्ली/चंडीगढ़/अंबाला: नई भारतीय रेलवे ने अंबाला मंडल की शेष ब्रॉडगेज लाइनों पर कवच प्रणाली स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 201 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह 811 रूट किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी। यह कदम भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया है।

परियोजना के अंतर्गत अंबाला कैंट-लुधियाना, कालका-चंडीगढ़-न्यू मोरिंडा-साहनेवाल, सरहिंद-दौलतपुर चौक, राजपुरा-बठिंडा-श्रीगंगानगर व लुधियाना-धूरी-जाखल जैसे महत्वपूर्ण रेलखंड शामिल हैं।

ये मार्ग हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले प्रमुख रेल कॉरिडोर हैं और यात्री व मालपरिवहन में अहम भूमिका निभाते हैं। कवच प्रणाली भारतीय रेलवे की ओर से विकसित स्वदेशी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) प्रणाली है जो सिग्नल उल्लंघन, अत्यधिक गति और टक्कर जैसी दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करती है।

यह आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। रेलवे नेटवर्क में कवच का विस्तार सुरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भारतीय रेलवे की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 

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