किसानों की शिकायत पर खुली पोल, हरियाणा में 5 जेई निलंबित... जानें क्या है पूरा मामला

Edited By Isha, Updated: 16 Jun, 2026 07:48 AM

5 junior engineers suspended for financial irregularities

भालौठ ब्रांच नहर के पुनर्निर्माण कार्य में कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए पांच जूनियर इंजीनियरों (जेई) को निलंबित कर दिया है।

चंडीगढ़/गोहाना (सोनीपत): भालौठ ब्रांच नहर के पुनर्निर्माण कार्य में कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए पांच जूनियर इंजीनियरों (जेई) को निलंबित कर दिया है।

इनमें मनीष कुमार, राहुल हुड्डा, रविंद्र पूनिया, सचिन और विक्रम शामिल हैं। इससे पहले कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) प्रशांत कुमार और उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) प्रियव्रत को भी निलंबित किया जा चुका है। 

भालौठ ब्रांच नहर के किनारों और तल को कंक्रीट से मजबूत किया जा रहा था। हालांकि, नहर के तल को पूरी तरह कंक्रीट से बनाने का किसानों ने विरोध किया था। किसानों का तर्क था कि इससे भूजल रिचार्ज प्रभावित होगा और क्षेत्र में जलस्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

किसानों के सवाल उठाने के बाद विभाग ने निर्माण कार्य की दोबारा जांच और पैमाइश करवाई। जांच में सामने आया कि मौके पर हुए वास्तविक कार्य की तुलना में अधिक दर्शाकर बिल तैयार किए गए। उसी के आधार पर निर्माण एजेंसी को भुगतान भी जारी कर दिया गया।

प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि कुछ स्थानों पर कार्य पूरा हुए बिना ही उसकी पैमाइश दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद तैयार बिलों को स्वीकृति देकर भुगतान प्रक्रिया पूरी की गई। वास्तविक कार्य और भुगतान के आंकड़ों में अंतर सामने आने पर विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करनी शुरू कर दी। मामले की जांच अभी जारी है। भुगतान और तकनीकी स्वीकृति प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर रोहतक के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। 

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