Edited By Isha, Updated: 05 Jun, 2026 12:57 PM

सरकार ने मत्स्य पालन विभाग की 11 सबसिडी योजनाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के दायरे में लाते हुए इनकी समय-सीमा निर्धारित की है। इससे लाभार्थियों को निर्धारित समय-सीमा
चंडीगढ़: सरकार ने मत्स्य पालन विभाग की 11 सबसिडी योजनाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के दायरे में लाते हुए इनकी समय-सीमा निर्धारित की है। इससे लाभार्थियों को निर्धारित समय-सीमा के अंदर इन सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सघन मत्स्य पालन विकास कार्यक्रम हेतु सबसिडी के तहत ऑटो, फोर-व्हीलर अथवा मिनी ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सबसिडी का लाभ अब 40 दिनों की निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध करवाया जाएगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत जैनेटिक सुधार कार्यक्रम एवं न्यूक्लियस ब्रीडिंग सेंटर (एन.बी.सी.) की स्थापना पर सबसिडी, नवाचार एवं अभिनव गतिविधियों, स्टार्टअप, इनक्यूबेटर और पायलट परियोजनाओं के लिए सबसिडी तथा प्रशिक्षण, जागरूकता, अनुभव एवं क्षमता
निर्माण कार्यक्रमों पर सबसिडी के लिए 50 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। एकीकृत सजावटी (ओर्नामैंटल) फिश यूनिट (ताजे पानी की मछलियों का प्रजनन एवं पालन) की स्थापना, ताजे पानी के सजावटी मछली बूरड बैंक की स्थापना तथा मनोरंजक मत्स्य पालन (रीक्रिएशनल फिशरीज) को बढ़ावा देने हेतु सबसिडी भी अब 50 दिनों के भीतर प्रदान की जाएगी।
मत्स्य उत्पादों के विपणन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मछली एवं मत्स्य उत्पादों की ई-ट्रेडिंग एवं ई-मार्कीटिंग के लिए ई-प्लेटफॉर्म पर सबसिडी, कोल्ड स्टोरेज एवं आइस प्लांट के आधुनिकीकरण पर सबसिडी, मछली मूल्य वर्धित उद्यम इकाइयों की स्थापना पर सबसिडी तथा विस्तार एवं सहायता सेवाओं (मत्स्य सेवा केंद्र) के लिए सबसिडी भी अब 50 दिनों के भीतर मिलेगी।