बाल विवाह मुक्त बनाने की अनूठी पहल: 'बाल आज़ादी अभियान' के तहत चुनी जाएगी ब्रांड एंबेसडर, जानिए क्या होनी चाहिए योग्यताएं

Edited By Isha, Updated: 25 Sep, 2026 08:14 AM

a unique initiative to make the region free from child marriage

सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे बाल आजादी अभियान के अंतर्गत ‘बाल विवाह मुक्त सिरसा अभियान’ के लिए जिले के किसी भी गाँव या शहर से एक योग्य लड़की को ब्रांड एंबेसडर चुना जाएगा।

सिरसा:  सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे बाल आजादी अभियान के अंतर्गत ‘बाल विवाह मुक्त सिरसा अभियान’ के लिए जिले के किसी भी गाँव या शहर से एक योग्य लड़की को ब्रांड एंबेसडर चुना जाएगा। बाल एवं महिला अधिकारों के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय बाल एवं महिला अधिकार कार्यकर्ता कार्यकर्ता एवं सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जागलान के नेतृत्व में यह अभियान सिरसा को बाल विवाह, बाल श्रम, बच्चों के उत्पीड़न और ऑनलाइन शोषण से पूरी तरह मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।

बाल आज़ादी अभियान के फाऊंडर सुनील जागलान ने बताया कि पिछले लगभग 20 दिनों से सिरसा में गाँव-गाँव जाकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान टीम लाडो का गठन कर करीब 2000 लड़कियों को जोड़ा गया है। इनमें सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन से जुड़ी अन्य जिलों और प्रदेशों की लड़कियां भी सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। ब्रांड एंबेसडर बनने के लिए लड़की को चार प्रमुख योग्यताओं पर खरा उतरना होगा—उसके घर में कोई बाल विवाह न हुआ हो, वह कुपोषित न हो, गाली-गलौज का प्रयोग न करती हो तथा भारत सरकार या राज्य सरकार के किसी अभियान अथवा सामाजिक सरोकार से जुड़ी हुई हो।

चयनित ब्रांड एंबेसडर इस वर्ष सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के तत्वावधान में आयोजित सभी कार्यक्रमों की मुख्य अतिथि रहेंगी। उनकी लीडरशिप में पूरा अभियान आगे बढ़ेगा। साथ ही राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में भी उन्हें मुख्य अतिथि का दर्जा मिलेगा तथा फाउंडेशन की ओर से अवार्ड और सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

सुनील जागलान ने कहा कि सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन देश भर में लाखों लड़के-लड़कियों को जोड़ चुका है। फाउंडेशन ने लाडो पंचायत के माध्यम से लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करने की मांग को मजबूती से उठाया। इसके अलावा पीरियड चार्ट अभियान, सैकड़ों लड़कियों के लिए सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का अपग्रेडेशन तथा कई कॉलेजों की स्थापना जैसे कार्य भी किए गए हैं। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एक अंतरराष्ट्रीय संस्थान है, जिसने विश्व स्तर पर बच्चों के अधिकारों की आवाज बुलंद की है। इसके प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ ने ‘बाल विवाह और जबरन बाल विवाह की समाप्ति’ के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस की घोषणा की है, जिसमें संस्थान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

आगे वर्ष भर बच्चों को केंद्र में रखकर बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि सिरसा का हर नागरिक बच्चों के अधिकारों से अवगत हो और किसी भी बच्चे के अधिकारों का हनन या उत्पीड़न न हो। लक्ष्य यह है कि हर बच्चे के चेहरे पर सच्ची आजादी की मुस्कान दिखाई दे। यह अभियान न केवल सिरसा बल्कि पूरे हरियाणा और देश में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा तथा बाल विवाह मुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!