Edited By Krishan Rana, Updated: 24 Sep, 2026 01:57 PM

हरियाणा की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन के स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी
हरियाणा डेस्क : हरियाणा की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन के स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को प्रदेश भाजपा का नया प्रभारी और उत्तर प्रदेश के सांसद डा. भोला सिंह को सह-प्रभारी नियुक्त किया है।
खास बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी के अब तक के 46 वर्षों के सियासी सफर में स्मृति ईरानी पहली ऐसी महिला नेत्री हैं जिन्हें हरियाणा भाजपा की प्रभारी बनाया गया है। यह भी एक संयोग है कि अभी इसी साल 28 मई को ही डा. अर्चना गुप्ता को भाजपा का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति भी इसलिए खास रही कि डा. कमला वर्मा के बाद वह इस पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला हैं।
इससे पहले साल 1980 से लेकर 1983 तक डा. कमला वर्मा हरियाणा भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष रह चुकी हैं। हरियाणा में भाजपा के अब तक के सियासी सफर में ऐसा पहली बार है जब पार्टी की कमान 2 महिलाओं के हाथ में होगी। अभी कुछ समय पहले हरियाणा भाजपा के प्रभारी सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया था। इसके साथ ही बुधवार को उन्हें जम्मू-कश्मीर का प्रभार भी दिया गया।
हरियाणा भाजपा के लिए यह नियुक्ति ऐसे समय हुई में है जब पार्टी 2014 से राज्य की सत्ता में है। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में अब स्मृति ईरानी और भोला सिंह की जोड़ी को संगठन की जिम्मेदारी मिली है। दोनों नेताओं का राजनीतिक सफर अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक अनुभवों से होकर गुजरा है। स्मृति ईरानी का सार्वजनिक जीवन राजनीति में आने से पहले टैलीविजन से जुड़ा रहा।
अभिनय के क्षेत्र में पहचान बनाने के बाद उन्होंने भाजपा के साथ राजनीतिक पारी शुरू की। 2004 में उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा। बाद में वह राज्यसभा पहुंचीं। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से राहुल गांधी के खिलाफ मैदान में उतारा लेकिन वह चुनाव हार गई। इसी अवधि में उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी मिली। 2019 में एक बार फिर स्मृति ईरानी और राहुल गांधी आमने-सामने थे। इस बार परिणाम उनके पक्ष में रहा।
इसके बाद केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के दौरान स्मृति ईरानी ने मानव संसाधन विकास, कपड़ा तथा महिला एवं बाल विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारियां संभाली। 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से उन्हें कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद कुछ समय तक वह राष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षाकृत कम दिखाई दीं, लेकिन इसी साल में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में उन्हें फिर राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई। अब उन्हें हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है।
गांव की जमीन से संसद तक पहुंचे भोला सिंह
हरियाणा के सह-प्रभारी नियुक्त किए गए डा. भोला सिंह का राजनीतिक सफर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की ग्रामीण पृष्ठभूमि से शुरू हुआ। उनका जन्म 10 सितम्बर 1977 को बुलंदशहर जिले के बोहिच गांव में में हुआ। भोला सिंह पहली बार 2014 में बुलंदशहर से भाजपा के टिकट पर लोकसभा पहुंचे। इसके बाद 2019 और 2024 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की।
18वीं लोकसभा में वह बुलंदशहर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अगस्त, 2026 में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में उन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाया गया। इसके लगभग एक महीने बाद उन्हें हरियाणा भाजपा का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। हरियाणा भाजपा के सामने संगठन के लिहाज से अब 2 स्तरों की जिम्मेदारी है-एक तरफ लगातार 3 विधानसभा चुनावों में मिली सत्ता को संगठनात्मक रूप से संभालना और पार्टी संगठन को सक्रिय रखना है।
संजय भाटिया का बढ़ा कद
हरियाणा से राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया को राजस्थान का प्रभारी बनाए जाने के बाद संगठन में उनका कद और बढ़ा है। भाजपा ने उन्हें ऐसे समय में यह जिम्मेदारी दी है जब राजस्थान में 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण और बड़े राज्य की संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलना उनके राजनीतिक सफर में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
पानीपत में जन्मे संजय भाटिया ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और इसके बाद भाजपा संगठन में लगातार अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हुए प्रदेश स्तर तक पहुंचे। हरियाणा भाजपा के प्रदेश महासचिव के रूप में भी उन्होंने काम किया। संगठन में लंबे अनुभव के चलते उन्हें दूसरे राज्यों में भी पार्टी की चुनावी और संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलती रही हैं।
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