Edited By Isha, Updated: 23 Sep, 2026 12:39 PM

लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार ने गाय व अन्य गौवंशीय पशुओं में फैलने वाली बेहद संक्रामक बीमारी' लम्पी स्किन डिजीज' (एल.एस.डी.) को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। यह रोग पॉक्स विरिडी परिवार और
चंडीगढ़ : लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार ने गाय व अन्य गौवंशीय पशुओं में फैलने वाली बेहद संक्रामक बीमारी' लम्पी स्किन डिजीज' (एल.एस.डी.) को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। यह रोग पॉक्स विरिडी परिवार और कैप्रिपॉक्स वायरस समूह के लम्पी स्किन डिजीज वायरस (एल.एस. डी.वी.) के संक्रमण से फैलता है। लक्षण दिखने पर प्रभावित पशु को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग करें और पशुपालन विभाग को सूचित करें।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि संक्रमित पशुओं की त्वचा पर गांठें उभरने के साथ-साथ लसीका ग्रंथियों, पैरों, पेट के निचले हिस्से व थन के आसपास सूजन आ जाती है। इसके अलावा तेज बुखार, भूख न लगना, अत्यधिक कमजोरी, तेजी से वजन गिरना, दूध उत्पादन में भारी गिरावट तथा बांझपन जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। यदि संक्रमण के साथ डिहाइड्रेशन या द्वितीयक संक्रमण जुड़ जाए, तो स्थिति बेहद गंभीर व जानलेवा हो सकती है। लक्षण दिखने पर प्रभावित पशु को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग करें और पशुपालन विभाग को सूचित करें। संक्रमण से मृत पशु को गहरे गड्ढे में दबाएं। स्वस्थ पशुओं का समय रहते टीकाकरण अवश्य करवाएं।