Edited By Isha, Updated: 14 Sep, 2026 08:44 PM

हरियाणा में शिक्षा विभाग की ओर से एक कड़ा और बड़ा फैसला सामने आया है, जिससे राज्य के करीब 12 हजार शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभाग के नए आदेश के अनुसार
डेस्क: हरियाणा में शिक्षा विभाग की ओर से एक कड़ा और बड़ा फैसला सामने आया है, जिससे राज्य के करीब 12 हजार शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभाग के नए आदेश के अनुसार, अब इन शिक्षकों के लिए हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। तय समयसीमा या दिए गए अवसरों के भीतर परीक्षा पास न करने वाले शिक्षकों को या तो अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा या फिर उन्हें वीआरएस का रास्ता अपनाना होगा।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के तहत कार्यरत ऐसे शिक्षकों को चिन्हित किया है जिन्होंने नियुक्ति के समय या उसके बाद निर्धारित समयावधि में HTET परीक्षा पास नहीं की थी। सरकार और शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक, शिक्षण कार्य जारी रखने के लिए यह पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
विभाग के इस निर्देश के बाद से शैक्षणिक महकमे में हड़कंप मच गया है। हजारों शिक्षकों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कई शिक्षक संगठनों ने इस आदेश पर चिंता जताई है और सरकार से इस मामले में नरमी बरतने या कोई वैकल्पिक समाधान निकालने की गुहार लगाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल आदेश को लेकर रुख काफी सख्त नजर आ रहा है।