Edited By Isha, Updated: 14 Sep, 2026 06:02 PM

पानीपत में अवैध असले के कारोबार पर पुलिस ने ऐसा वार किया है कि हथियारों के सौदागर के मंसूबे धरे के धरे रह गए। एक बैग लेकर रसलापुर ड्रेन के पुल पर खड़ा था शामली का रहने वाला आरिफ, लेकिन उसे
पानीपत (सचिन): पानीपत में अवैध असले के कारोबार पर पुलिस ने ऐसा वार किया है कि हथियारों के सौदागर के मंसूबे धरे के धरे रह गए। एक बैग लेकर रसलापुर ड्रेन के पुल पर खड़ा था शामली का रहने वाला आरिफ, लेकिन उसे शायद अंदाजा नहीं था कि पुलिस को उसके बैग के अंदर छिपे राज की भनक लग चुकी है। CIA-1 और बापौली थाना पुलिस ने सूचना मिलते ही इलाके की घेराबंदी की और मौके पर दबिश देकर आरिफ को बैग समेत दबोच लिया। इसके बाद जब पुलिस ने बैग खोला तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। बैग में कपड़े या कोई सामान्य सामान नहीं, बल्कि असले का पूरा जखीरा छिपा हुआ था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल 10 देसी पिस्तौल और 26 जिंदा कारतूस बरामद किए। इनमें तीन देसी पिस्तौल 12 बोर की और सात देसी पिस्तौल 315 बोर की बताई गई हैं, जबकि बरामद कारतूसों में 22 कारतूस 12 बोर और चार कारतूस 315 बोर के हैं। यानी एक बैग में इतनी बड़ी मात्रा में असला लेकर आरोपी पानीपत में सप्लाई करने के लिए पहुंचा था। पकड़े गए आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला शामली के गांव जलालाबाद निवासी आरिफ के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक आरिफ अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई का काम करता है। अब पुलिस की जांच सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि असली सवाल यह है कि ये 10 पिस्तौल और 26 कारतूस आखिर किसके लिए लाए गए थे, इन्हें कहां से हासिल किया गया और इस हथियार सप्लाई नेटवर्क में आरिफ के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने बरामद सभी हथियारों और कारतूसों की विधिवत पैमाइश कर उन्हें सील कर कब्जे में लिया है। SP मेधा भूषण ने प्रेसवार्ता कर इस पूरी कार्रवाई का खुलासा किया। पानीपत पुलिस की इस कार्रवाई ने अवैध असले के कारोबार से जुड़े लोगों को साफ संदेश दे दिया है कि हथियारों की खेप लेकर पानीपत की सड़कों पर घूमना इतना आसान नहीं है। फिलहाल आरिफ पुलिस की गिरफ्त में है और अब उसकी पूछताछ से असले के इस नेटवर्क की अगली कड़ी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।