Edited By Krishan Rana, Updated: 23 Sep, 2026 07:25 PM

सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग में ही रिश्वतखोरी का मामला
सोनीपत (सुशील मोर) : सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग में ही रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। सोनीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी ने शिक्षा विभाग के एसडीओ और जेई को 2 लाख 93 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि एक ठेकेदार के काम के बिल पास करने की एवज में दोनों अधिकारियों ने रिश्वत की मांग की थी। अब एसीबी की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और इस रिश्वतखोरी के खेल ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर सरकारी काम की फाइल और बिल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत का खेल कितना गहरा है। कार्रवाई के बाद एसीबी टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गई और अब पूरे मामले में आगे की जांच की जा रही है।
अब सवाल ये है कि जिस विभाग की जिम्मेदारी बच्चों की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी कामकाज को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने की है, वहां ठेकेदार के बिल को मंजूरी देने के लिए रिश्वत की मांग क्यों की गई? हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होगी, लेकिन एसीबी की ट्रैप कार्रवाई ने शिक्षा विभाग के कामकाज पर जरूर सवाल खड़े किए हैं।
हरियाणा में भ्रष्टाचार के मामलों में एसीबी लगातार कार्रवाई कर रही है।सोनीपत में भी हाल के दिनों में अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों पर रिश्वत के आरोपों में कार्रवाई सामने आई है। ऐसे में शिक्षा विभाग से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर सरकारी सिस्टम में भ्रष्टाचार और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब जांच में यह सामने आएगा कि रिश्वत की रकम की मांग कैसे हुई, इसमें और कौन-कौन शामिल था और क्या यह महज एक मामला था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
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