Edited By Isha, Updated: 24 Sep, 2026 01:07 PM

हरियाणा में इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा हासिल करने वाले युवाओं के लिए रोजगार के साथ स्वरोजगार का नया रास्ता तैयार किया जा रहा है। सरकार ने इंजीनियरिंग शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सरकारी विकास कार्यों से जोड़ने के लिए कांट्रेक्टर सक्षम
चंडीगढ़( चंद्र शेखर धरणी): हरियाणा में इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा हासिल करने वाले युवाओं के लिए रोजगार के साथ स्वरोजगार का नया रास्ता तैयार किया जा रहा है। सरकार ने इंजीनियरिंग शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सरकारी विकास कार्यों से जोड़ने के लिए कांट्रेक्टर सक्षम युवा योजना को आगे बढ़ाया है। योजना के तहत 2026-27 में 8 हजार युवाओं को तीन महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में कक्षा आधारित पढ़ाई के साथ निर्माण स्थलों पर व्यावहारिक अनुभव भी कराया जाएगा।
प्रशिक्षण और मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरा करने वाले युवाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा और उनका हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। निर्धारित पात्रता और शर्तें पूरी करने के बाद ये युवा पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य सरकारी विभागों के विकास कार्यों में ठेकेदार के रूप में भाग ले सकेंगे। योजना के तहत पात्र युवाओं को 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों के लिए अवसर उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
प्रशिक्षण में किताब के साथ साइट का अनुभव
योजना का उद्देश्य केवल युवाओं को ठेकेदारी से जुड़ी जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें सरकारी विकास कार्यों की पूरी प्रक्रिया से परिचित कराना है। तीन महीने के प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को निर्माण कार्यों से जुड़े तकनीकी पहलुओं, सरकारी कार्यों की प्रक्रिया, ठेका लेने की व्यवस्था और कार्यों के व्यावहारिक संचालन की जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में युवाओं को निर्माण स्थलों पर भी ले जाया जाएगा, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में काम को समझ सकें। इस तरह इंजीनियरिंग की तकनीकी शिक्षा के साथ सरकारी विकास कार्यों के व्यावहारिक पक्ष का अनुभव भी उन्हें मिलेगा।
प्रशिक्षण के लिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को साझेदार बनाया गया है। विश्वविद्यालय संबंधित विभाग के साथ मिलकर प्रशिक्षण केंद्र और बैच निर्धारित करेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं का तृतीय-पक्ष मूल्यांकन कराया जाएगा। सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र मिलेगा।
प्रमाण-पत्र के बाद सरकारी काम की राह
प्रशिक्षण और मूल्यांकन में सफल युवाओं का हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। इसके बाद पात्र युवा निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत सरकारी विकास कार्यों में ठेकेदार के रूप में भाग ले सकेंगे। ठेकेदारी शुरू करने के लिए युवाओं को फर्म गठन और अन्य जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके अलावा पैन, टैन, जीएसटी, टिन समेत संबंधित औपचारिकताएं पूरी करना आवश्यक होगा। योजना का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर सरकारी काम शुरू करने तक एक व्यवस्थित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है।
काम शुरू करने के लिए पूंजी की भी व्यवस्था
सरकार ने योजना में युवाओं की शुरुआती पूंजी की जरूरत को भी ध्यान में रखा है। पात्र युवाओं को एक साल की अवधि के लिए तीन लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह राशि अनुदान या स्टाइपेंड के रूप में नहीं, बल्कि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध होगी। इस प्रावधान से उन युवाओं को शुरुआती आर्थिक मदद मिल सकेगी, जो प्रशिक्षण के बाद ठेकेदारी के क्षेत्र में अपना काम शुरू करना चाहते हैं। योजना का पूरा मॉडल इंजीनियरिंग योग्यता से शुरू होकर प्रशिक्षण, साइट अनुभव, मूल्यांकन, प्रमाण-पत्र, पोर्टल पंजीकरण और वित्तीय सहायता तक तैयार किया गया है।
2026-27 में 8 हजार युवाओं पर फोकस
कांट्रेक्टर सक्षम युवा योजना के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 51.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस चरण में 8 हजार इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारक युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। पंजीकृत युवाओं का विवरण आगे की प्रशिक्षण प्रक्रिया के लिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के साथ साझा किया जाएगा। प्रशिक्षण बैच और केंद्र निर्धारित होने के बाद युवाओं को प्रशिक्षण प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।
18 से 40 वर्ष तक के युवा कर सकेंगे आवेदन
योजना में हरियाणा के निवासी 18 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार बीई, बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक युवा पात्र होंगे। आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र जरूरी होगा। इसके अलावा हरियाणा सरकार की सीईटी मेरिट सूची में पात्रता भी योजना की निर्धारित शर्तों में शामिल है। योजना का फोकस ऐसे तकनीकी रूप से योग्य युवाओं पर है, जो इंजीनियरिंग शिक्षा हासिल करने के बाद रोजगार की तलाश में हैं और निर्माण एवं विकास कार्यों के क्षेत्र में अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।
मनोहर सरकार में बनी योजना, सैनी सरकार ने बढ़ाया दायरा
कांट्रेक्टर सक्षम युवा योजना की शुरुआत की नींव फरवरी 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार के समय रखी गई थी। उस समय 10 हजार इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारकों को प्रशिक्षण देकर ठेकेदारी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। योजना का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के विकास कार्यों में तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए ठेकेदारी के अवसर तैयार करना था। इसके बाद अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर योजना को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। जनवरी 2025 में सरकार ने योजना की अधिसूचना जारी कर पात्रता और संचालन से जुड़ी शर्तें निर्धारित कीं।
अब वर्ष 2026-27 में योजना को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने इसके लिए 51.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है और 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है। योजना के जरिए इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाले युवाओं के बजाय सरकारी विकास कार्यों में उद्यमी और ठेकेदार के रूप में आगे बढ़ने का अवसर देने की व्यवस्था की जा रही है।
एक नजर में
- 8 हजार — इस साल प्रशिक्षण पाने वाले युवा
- 3 महीने — प्रशिक्षण की अवधि
- 25 लाख रुपये — विकास कार्यों की निर्धारित सीमा
- 3 लाख रुपये — ब्याज-मुक्त बैंक ऋण
- 1 साल — ब्याज-मुक्त ऋण की अवधि
- 51.50 करोड़ रुपये — 2026-27 का बजट प्रावधान
- प्रशिक्षण साझेदार — श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय
- पात्रता — 18 से 40 वर्ष के बेरोजगार बीई, बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक