Edited By Isha, Updated: 10 Sep, 2026 01:50 PM

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों को IIT-JEE और NEET (मेडिकल) जैसी कठिन प्रवेश परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराने वाली महत्वाकांक्षी सुपर-100 योजना की चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया
चंडीगढ़: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों को IIT-JEE और NEET (मेडिकल) जैसी कठिन प्रवेश परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराने वाली महत्वाकांक्षी सुपर-100 योजना की चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियमों के तहत अब अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़ने की तैयारी है।
शिक्षा विभाग के नए आदेश के अनुसार, कक्षा 10वीं की अर्धवार्षिक परीक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले हर छात्र-छात्रा के लिए 'सुपर-100' की प्रवेश परीक्षा में शामिल होना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले विद्यार्थी अपनी मर्जी से इसके लिए आवेदन करते थे।
चयन प्रक्रिया को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाने के लिए पंजीकरण का जिम्मा सीधे स्कूल प्रधानाचार्य/मुख्याध्यापक को सौंपा गया है। स्कूल मुखिया को अपने विद्यालय के सभी पात्र विद्यार्थियों का डेटा जुटाकर उनका सुपर-100 परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना होगा।
लापरवाही रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। स्कूल प्राचार्यों को अपने स्कूल के सभी पात्र बच्चों का रजिस्ट्रेशन पूरा कराने के बाद अपने हस्ताक्षर और मुहर के साथ एक लिखित घोषणा-पत्र संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी को भेजना होगा।
गौरतलब है कि सुपर-100 योजना के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली बच्चों को 11वीं और 12वीं कक्षा के साथ-साथ देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से इंजीनियरिंग और मेडिकल की मुफ्त तैयारी, रहने और खाने की सुविधा दी जाती है।