Edited By Krishan Rana, Updated: 26 Apr, 2026 08:02 PM

डित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक (पीजीआईएमएस) में मानवता की मिसाल पेश करते हुए
रोहतक (दीपक भारद्वाज) : पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक (पीजीआईएमएस) में मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक 16 वर्षीय ब्रेन डेड किशोर के अंगदान से करीब 6 लोगों को नई जिंदगी मिलने जा रही है। यह पिछले एक महीने में संस्थान का तीसरा अंगदान है, जो हरियाणा में एक नया कीर्तिमान बन गया है।
जानकारी के अनुसार करनाल निवासी किशोर गंभीर सड़क हादसे के बाद पीजीआईएमएस के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर तरुण और उनकी टीम के प्रयासों के बावजूद 24 अप्रैल को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इसके बाद कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल की संवेदनशील पहल और परिजनों को अंग दान के प्रति समझाया गया और परिवार ने अंगदान के लिए सहमति दे दी।
पीजीआई के वाइस चांसलर एच के अग्रवाल ने बताया कि आज सुबह 6 बजे से अंग निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें किडनी, लिवर, पैंक्रियाज, फेफड़े, कॉर्निया और हार्ट जैसे महत्वपूर्ण अंग शामिल हैं। इन अंगों को विभिन्न अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया जाएगा। लिवर दिल्ली के आईबीएलएस अस्पताल भेजा जाएगा, जबकि किडनी पंचकूला स्थित कमांड आर्मी हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट के लिए आर्मी के जवानों द्वारा आर्मी हेलीकॉप्टर में ले जाई गई ताकि वहां एक मरीज की जान बचाई जा सके।
यह पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के समन्वय से तेज़ी से पूरी की गई है। वही पीजीआई के वाइस चांसलर एच के अग्रवाल ने लोगों से अपील की है कि वह अंग दान जरूर करें क्योंकि एक व्यक्ति के अंगदान से कई जिंदगी है बचाई जा सकती है ।
अंगदान के बाद किशोर के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ परिजनों को सौंपा गया है। इस नेक फैसले से कई जिंदगियां बचेंगी, बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बनेगा। साथ ही उन्होंने पीजीआई के डॉक्टरों की टीम व पीजीआई के कर्मचारियों की सहराना करते हुए कहा पूरे स्टाफ ने अच्छा किया है उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)