Edited By Isha, Updated: 25 Apr, 2026 05:02 PM

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में लगातार सामने आ रही छात्र आत्महत्या की घटनाओं ने अब केंद्र तक हलचल मचा दी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय टीम पहली बार जांच के लिए कैंपस पहुंची और करीब 5...
कुरुक्षेत्र, (कपिल शर्मा): नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में लगातार सामने आ रही छात्र आत्महत्या की घटनाओं ने अब केंद्र तक हलचल मचा दी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय टीम पहली बार जांच के लिए कैंपस पहुंची और करीब 5 घंटे तक ग्राउंड लेवल पर हालात का जायजा लिया।
मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी के नेतृत्व में आई इस टीम ने स्टूडेंट्स, टीचर्स और स्थानीय प्रशासन से सीधे बातचीत कर माहौल को समझने की कोशिश की। 24 अप्रैल को दिनभर कैंपस में मीटिंग्स का दौर चलता रहा, जहां कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई।
दो महीने में 4 सुसाइड, माहौल पर गंभीर सवाल
NIT कुरुक्षेत्र में बीते दो महीनों के भीतर 4 छात्रों की आत्महत्या ने संस्थान की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 16 अप्रैल को बिहार के बक्सर की 19 वर्षीय छात्रा दीक्षा दुबे ने हॉस्टल में फांसी लगाकर जान दे दी। इस घटना के बाद 16-17 अप्रैल की रात छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
इसके अगले ही दिन एक और छात्रा ने कैंपस बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए।
इससे पहले 9 अप्रैल को सिरसा के शेरपुर गांव के प्रियांशु वर्मा (बीटेक थर्ड ईयर) का शव हॉस्टल में मिला था। 31 मार्च को नूंह के घासैड़ा निवासी पवन कुमार (इलेक्ट्रिकल सेकेंड ईयर) और 16 फरवरी को तेलंगाना के छात्र अंगोद शिवा ने भी हॉस्टल में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
पहली बार इतनी बड़ी टीम, कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल
यह पहली बार है जब मंत्रालय से एक साथ पांच वरिष्ठ अधिकारियों की टीम NIT कुरुक्षेत्र पहुंची। टीम में डॉ. विनीत जोशी के साथ तेजस्विनी अनंतकुमार (चेयरपर्सन BOGS), सौम्या गुप्ता (जॉइंट सेक्रेटरी TE), गोविंद जायसवाल (जॉइंट सेक्रेटरी, TEL & NITs) और हीरा लाल (डिप्टी सेक्रेटरी, NITs) शामिल रहे।
ग्राउंड लेवल फीडबैक का दावा, लेकिन छात्र कैंपस से बाहर
टीम ने हॉस्टल और कैंपस के माहौल को समझने के लिए ग्राउंड लेवल फीडबैक लेने का दावा किया। हालांकि जिस समय टीम कैंपस पहुंची, उस दौरान अधिकतर छात्र छुट्टियों में अपने घरों पर थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने उपलब्ध छात्रों और स्टाफ से बातचीत कर स्थिति का आकलन किया।
मंत्रालय सख्त, रिपोर्ट के बाद होंगे बड़े फैसले
डॉ. विनीत जोशी ने साफ कहा कि टीम का मकसद कैंपस में सुरक्षित और सकारात्मक माहौल सुनिश्चित करना है। फिलहाल मंत्रालय इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जांच टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर संस्थान में प्रशासनिक बदलाव और सुधारात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन घटनाओं के बाद NIT कुरुक्षेत्र में छात्रों को सुरक्षित और तनावमुक्त माहौल मिल पाएगा या फिर ये घटनाएं सिस्टम पर उठते सवालों को और गहरा करेंगी।