Edited By Manisha rana, Updated: 25 Apr, 2026 09:34 AM

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोए ने कुंडली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान वर्ष 2021 में हुए बहुचर्चित लखबीर हत्याकांड में चार निहंग आरोपियों को बरी कर दिया है।
सोनीपत (सन्नी मलिक) : अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोए ने कुंडली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान वर्ष 2021 में हुए बहुचर्चित लखबीर हत्याकांड में चार निहंग आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में निहंग जत्थेदार अमन सिंह से जुड़ा मामला अलग से विचाराधीन है। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में यह निर्णय सुनाया।
कुंडली थाना में 15 अक्तूबर, 2021 को दशहरे के दिन कुंडली बॉर्डर स्थित किसान आंदोलन स्थल के पास पंजाब के तरनतारन जिले के गांव चीमा खुर्द निवासी लखबीर सिंह (35) की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने सनसनी फैला दी थी। हत्या का आरोप निहंगों पर लगा था। लखबीर पर धार्मिक ग्रंथ से बेअदबी करने का आरोप लगाकर उनकी बेरहमी से हत्या की गई थी। आरोपियों ने इसके वीडियो भी बनाकर वायरल किए थे। घटना का पता लगने पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने कुंडली में डेरा डाल लिया था। उधर, मृतक के अनुसूचित जाति का होने के चलते मामले में एससीएसटी एक्ट भी जोड़ा गया है।
मामले में सरबजीत सिंह, भगवंत सिंह, गोविंद प्रीत सिंह और नारायण सिंह ने आत्मसमर्पण किया था, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जांच के दौरान निहंग जत्थेदार अमन सिंह का नाम भी सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया था। अमन सिंह की ओर से सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। अमन सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर अदालत की तरफ से उसे भगोड़ा घोषित किया था। मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को एएसजे सुभाष चंद्र सरोए ने मामले में चारों आरोपियों सरबजीत सिंह, भगवंत सिंह, गोविंद प्रीत सिंह और नारायण सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है, जबकि अमन सिंह से संबंधित मामले की सुनवाई अलग से जारी है।
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