Edited By Manisha rana, Updated: 24 Apr, 2026 02:33 PM

यूं तो सरकार नारी शसक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर इसकी सच्चाई बिल्कुल इसके विपरीत है। इसी से संबंधित एक मामला सामने आया। पलवल में जहां एक विधवा रेप पीड़िता पिछले 6 महीने से न्याय के लिए दर दर धक्के खा रही है लेकिन उन्हें न्याय...
पलवल (दिनेश कुमार) : यूं तो सरकार नारी शसक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर इसकी सच्चाई बिल्कुल इसके विपरीत है। इसी से संबंधित एक मामला सामने आया। पलवल में जहां एक विधवा रेप पीड़िता पिछले 6 महीने से न्याय के लिए दर दर धक्के खा रही है लेकिन उन्हें न्याय मिलना तो दूर उल्टा पीड़िता पर पुलिस द्वारा समझौते का दबाव बनाया जा रहा है।
मामले की जानकारी देते हुए पलवल सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासी विधवा रेप पीड़िता एवं उनके वकील ने बताया कि अक्टूबर 2025 में महिला के साथ उसके जेठ ने बलात्कार की घटना को अंजाम दिया था जिस संबंध में पलवल सदर थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। पीड़िता लगातार धक्के खा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से मामले की जांच अधिकारी मुन्नी देवी नामक पुलिस कर्मी लगातार पीड़िता पर अनर्गल दबाव बना रही है।
उन्होंने पुलिस जांच अधिकारी पर आरोप लगाया कि उसने मामले को जमीनी विवाद का रूप देकर एवं बुजुर्ग महिला से खाली कागज पर अंगूठा कराकर पीड़िता के खिलाफ फर्जी गवाह बनाकर मामले से रेप की धारा को भी हटा दिया। जिस महिला को आईओ मुन्नी देवी ने फर्जी गवाह बनाया है उस महिला को इस बावत कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में पुलिस जांच अधिकारी द्वारा गवाह बनाई गई महिला ने एफिडेविट देकर कहा है कि उन्होंने इस तरह की कोई गवाही नहीं दी, वह अनपढ़ है और पुलिस जांच अधिकारी ने खाली कागज पर अंगूठा लगवाया था। पीड़िता और वकील ने कहा कि वह लगातार पुलिस थाने और आलाधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है, इसलिए अब उन्होंने मजबूरन अदालत का सहारा लिया है क्योंकि उन्हें पुलिस से न्याय की कोई उम्मीद नहीं बची।
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