Edited By Isha, Updated: 23 Apr, 2026 04:56 PM

बिजली की हाइटेंशन ओवरहेड तारों के नीचे को हुए निर्माणों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई की कोर्ट ने हरियाणा सरकार कार से जवाब मांगा है। ले कोर्ट ने स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को की निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई
डेस्क: बिजली की हाइटेंशन ओवरहेड तारों के नीचे को हुए निर्माणों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई की कोर्ट ने हरियाणा सरकार कार से जवाब मांगा है। ले कोर्ट ने स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को की निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई पर न केवल जा अब तक की कार्रवाई का ब्योरा दें, बल्कि इस या गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए ण उठाए जाने वाले कदम भी स्पष्ट करें। सुनवाई नर के दौरान अदालत ने यह भी पूछा कि आखिर ण किन अधिकारियों और विभागों ने ओवरहेड तारों के नीचे मकान बनाने की अनुमति दी और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के चीफ इंजीनियर की तरफ से बताया गया कि हिसार, सिरसा, भिवानी, जींद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी और नारनौल सर्कल में अवैध निर्माण करने वालों को 4558 नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, उत्तर हरियाणाबिजली वितरण निगम की तरफ से कहा गया कि अम्बाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत, रोहतक और झज्जर में 3316 लोगों को नोटिस दिए गए हैं। सरकार ने अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री स्तर पर निर्देश हैं कि जहां आबादी है वहां से 11 केवी और 33 केवी की बिजली लाइनों को हटाने की व्यवस्था की जाए
पानीपत में झुलस गया था बच्चा
यह मामला पानीपत की एक दर्दनाक घटना से जुड़ा है। यहां छत के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन तार की चपेट में आने से बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया था। उसके हाथ पैरों ने काम करना बंद कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 2 जुलाई 2013 को जस्टिस रैना ने इसे जनहित याचिका के रूप में सुनने के आदेश दिए थे।