Edited By Isha, Updated: 22 Apr, 2026 05:13 PM

हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने प्रदेश के हजारों ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। सरकार ने क्लर्क पद पर पदोन्नति (Promotion) के कोटे को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत
चंडीगढ़: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने प्रदेश के हजारों ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। सरकार ने क्लर्क पद पर पदोन्नति (Promotion) के कोटे को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से कॉमन कैडर के कर्मचारियों के करियर ग्रोथ के रास्ते खुल जाएंगे।
नए नियमों के अनुसार, अब ग्रुप-डी से क्लर्क बनने के लिए पदोन्नति के अवसरों में 10% की सीधी वृद्धि की गई है। वे कर्मचारी जिन्होंने अपनी सेवा के 5 साल नियमित रूप से पूरे कर लिए हैं, वे अब इस कोटे के तहत प्रमोशन पाने के हकदार होंगे। सरकार का उद्देश्य उन कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना है जो लंबे समय से निचले पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इस निर्णय को कानूनी रूप देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026' के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी गई है। इस बिल को पारित करने के लिए सरकार ने 27 अप्रैल को हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है। बिल में प्रमोशन के साथ-साथ 5 प्रतिशत एक्स-ग्रेशिया (अनुग्रह) कोटे का भी प्रावधान किया गया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि निकाय चुनावों और भविष्य की चुनावी तैयारियों के बीच सरकार का यह कदम कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग को संतुष्ट करने की कोशिश है। विपक्ष जहां सरकार को बेरोजगारी और पोर्टल के मुद्दों पर घेर रहा है, वहीं सरकार 'प्रमोशन' और 'पक्की नौकरी' के निर्णयों से अपनी स्थिति मजबूत कर रही है।